Jammu Landslide News, 21 जुलाई — जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में माता वैष्णो देवी मंदिर के पुराने मार्ग पर सोमवार सुबह हुए भूस्खलन में एक श्रद्धालु की मौत हो गई और नौ अन्य घायल हो गए।
इस हादसे पर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शोक जताते हुए एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, “श्री माता वैष्णो देवी मंदिर मार्ग पर हुए दुर्भाग्यपूर्ण भूस्खलन की घटना से गहरा दुख हुआ है, जिसमें एक श्रद्धालु की जान चली गई। घायलों को सर्वोत्तम इलाज और सहायता देने के निर्देश Shrine Board को दिए गए हैं। मैं स्थिति की लगातार निगरानी कर रहा हूं।”
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के कार्यवाहक मुख्य कार्यकारी अधिकारी सचिन कुमार वैश्य ने बताया कि हादसे में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जबकि सात को मामूली चोटें आई हैं। सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, यह भूस्खलन सुबह करीब 8:50 बजे कटरा कस्बे में भारी बारिश के कारण हुआ। यह घटना गुलशन का लंगर के पास, बाणगंगा के निकट घटी — जो यात्रा का शुरुआती बिंदु है और टट्टू सवारों द्वारा अधिक प्रयोग किया जाता है।
घटना के तुरंत बाद राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और स्थानीय पुलिस ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। ब्लॉक मेडिकल अधिकारी ने बताया कि घायलों की स्थिति स्थिर है।
भारतीय सेना ने भी राहत कार्य में सक्रिय भूमिका निभाई। व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने एक्स पर जानकारी साझा करते हुए लिखा:
“कटरा क्षेत्र में भूस्खलन की घटना के बाद भारतीय सेना के जवानों को तुरंत राहत एवं बचाव कार्य के लिए तैनात किया गया। नागरिक प्रशासन के साथ मिलकर लोगों को त्वरित सहायता दी गई। यह #IndianArmy की जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। बचाव कार्य अभी जारी है। We Serve, We Protect!”
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से पुराने मार्ग का प्रयोग न करने और सावधानी बरतने की अपील की है।
हर वर्ष एक करोड़ से अधिक श्रद्धालु भारत और विदेशों से माता वैष्णो देवी मंदिर की यात्रा पर आते हैं, जो रियासी जिले की त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित है। मंदिर की देखरेख माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड करता है, जिसकी अध्यक्षता उपराज्यपाल करते हैं। हर वर्ष यात्रियों की सुविधा हेतु करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं।


