भोपाल, 24 जुलाई। भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह द्वारा शहर के कुछ मार्गों पर ई-रिक्शा प्रतिबंधित किए जाने के आदेश ने सियासी तूल पकड़ लिया है। कांग्रेस ने इसे “एकतरफा” और “मनमाना” कदम बताते हुए कहा कि यह निर्णय सैकड़ों परिवारों की आजीविका पर असर डालेगा।
कलेक्टर ने 19 जुलाई को सुरक्षा कारणों के चलते ई-रिक्शा से स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने पर प्रतिबंध लगाया था। इसके दो दिन बाद कुछ प्रमुख मार्गों पर ई-रिक्शा संचालन पर भी रोक लगा दी गई। यह निर्देश सोमवार से लागू हो चुके हैं, लेकिन बुधवार तक शहर के कई इलाकों में स्कूली बच्चों को ले जाते ई-रिक्शा देखे गए।
500 से ज्यादा ई-रिक्शा चालकों ने किया प्रदर्शन
बुधवार को लगभग 500 ई-रिक्शा चालकों ने भोपाल के एक प्रमुख चौराहे पर विरोध प्रदर्शन किया। हालांकि उन्होंने स्कूली बच्चों को ले जाने पर लगे प्रतिबंध को स्वीकार किया, लेकिन शहर में ई-रिक्शा संचालन पर लगे प्रतिबंध को अनुचित बताया।
कांग्रेस का समर्थन और चेतावनी
प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ता भी शामिल हुए और ई-रिक्शा चालकों को समर्थन दिया। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा ने प्रदर्शन में शामिल होकर प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि आदेश वापस नहीं लिया गया, तो कांग्रेस बड़ा आंदोलन करेगी।
पी.सी. शर्मा ने कहा – “स्कूली बच्चों के परिवहन पर प्रतिबंध उचित है, लेकिन शहर में संचालन पर रोक रोज़गार पर हमला है। यह मनमानी नहीं चलेगी।”
किन मार्गों पर लगा है प्रतिबंध
ई-रिक्शा संचालन जिन VIP मार्गों पर प्रतिबंधित किया गया है, उनमें शामिल हैं:
-
राजभवन से पॉलिटेक्निक क्रॉसिंग
-
पॉलिटेक्निक से स्टेट हैंगर
-
बोट क्लब क्षेत्र
-
हमीदिया रोड
-
अपेक्स बैंक से रोशनपुरा
-
लिंक रोड नंबर 1
-
बोर्ड ऑफिस से अपेक्स बैंक
-
कातजू अस्पताल से रंगमहल तिराहा
-
वंदे मातरम् से 10 नंबर स्टॉप
-
10 नंबर स्टॉप से नेशनल हॉस्पिटल
-
10 नंबर मार्केट से रोशनपुरा फ्लाईओवर
पुलिस का पक्ष
विरोध स्थल पर तैनात एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि कई ई-रिक्शा चालकों के पास प्रशिक्षण नहीं है और किशोर चालक भी तेज रफ्तार से वाहन चला रहे हैं, जिससे विशेषकर स्कूली बच्चों की सुरक्षा को खतरा है।
आंकड़े क्या कहते हैं?
भोपाल में इस समय करीब 12,500 ई-रिक्शा पंजीकृत हैं। हालांकि इनका कोई औपचारिक संबंध स्कूलों से नहीं है, लेकिन कई अभिभावक बच्चों को इन्हीं से स्कूल भेजते हैं।


