कोलकाता, 14 अगस्त। पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के सिंगुर क्षेत्र में गुरुवार को उस समय तनाव फैल गया, जब एक अस्पताल परिसर में नर्स का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला।
यह घटना बुधवार रात सामने आई, जब एक निजी नर्सिंग होम से प्रशिक्षु नर्स का शव बरामद किया गया। मृतका की पहचान पूर्वी मिदनापुर जिले के नंदीग्राम निवासी दीपाली जना के रूप में हुई है।
दीपाली का शव नर्सिंग होम के एक कमरे में छत से लटका मिला। वह महज तीन दिन पहले ही इस नर्सिंग होम में काम करने आई थी। उन्होंने पिछले साल बेंगलुरु के एक नर्सिंग संस्थान से तीन वर्षीय जनरल नर्सिंग मिडवाइफरी (जीएनएम) डिप्लोमा कोर्स पूरा किया था।
पुलिस के मुताबिक, शव नर्सिंग होम की तीसरी मंजिल के एक कमरे से बरामद हुआ। सबसे पहले स्टाफ ने शव देखा और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
हुगली जिला पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। मौत के कारण का पता लगाने के लिए पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है।”
हालांकि, मृतका के परिजनों ने इसे हत्या बताया और कहा कि उनकी बेटी आत्महत्या नहीं कर सकती। उन्होंने नर्सिंग होम के मालिक के खिलाफ हत्या की शिकायत दर्ज कराई है और अस्पताल प्रशासन पर आरोप लगाया है।
घटना से गुस्साए स्थानीय लोगों ने पुलिस को घेर लिया और विरोध प्रदर्शन किया। मृतका के माता-पिता सड़क पर बैठकर न्याय की मांग करने लगे।
मृतका की मां ने कहा, “मुझे समझ नहीं आ रहा कि क्या हुआ। मेरी बेटी ट्रेनिंग के लिए आई थी। वह स्वस्थ और अच्छी लड़की थी। पुलिस को पता लगाना चाहिए कि मेरी बेटी के साथ क्या हुआ। उसकी हत्या हुई है। दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।”
यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब राज्य में आरजी कर रेप-हत्या पीड़िता की पहली बरसी हाल ही में मनाई गई थी।


