भोपाल, 20 अगस्त। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के खिलाफ बुधवार को धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।
भोपाल पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्र ने आईएएनएस को बताया कि मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के निर्देश पर यह केस दर्ज किया गया है।
उन्होंने कहा, “भोपाल पुलिस ने आरिफ मसूद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश के बाद की गई है। मसूद पर मामला दर्ज हुआ है और आगे की जांच जारी है।”
गौरतलब है कि मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने भोपाल पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया था कि इंदिरा प्रियदर्शिनी कॉलेज की मान्यता के लिए कथित रूप से फर्जी सॉल्वेंसी पेपर का इस्तेमाल करने के मामले में मसूद पर एफआईआर दर्ज की जाए। यह कॉलेज उस सोसायटी द्वारा संचालित है, जिसमें कांग्रेस विधायक सचिव हैं।
कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि उच्च शिक्षा विभाग के उन अधिकारियों पर भी एफआईआर दर्ज की जाए, जो 20 वर्षों तक इस मामले में “सांठगांठ” में शामिल रहे और कॉलेज को संचालित होने की अनुमति दी।
न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की खंडपीठ ने मामले की जांच के लिए एडीजीपी (टेलीकॉम) संजीव शामी की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का भी आदेश दिया, जिसे तीन माह के भीतर जांच पूरी करनी होगी।
आरिफ मसूद ने अपने कॉलेज की मान्यता समाप्त करने के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल के फैसले को चुनौती देने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन अब उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई है।
हालांकि, कोर्ट ने 1,000 से अधिक छात्रों के हित को देखते हुए फिलहाल कॉलेज की मान्यता समाप्त करने के फैसले पर रोक लगा दी है, लेकिन यह भी स्पष्ट किया कि अगले शैक्षणिक सत्र से कॉलेज में नए प्रवेश नहीं होंगे।
गौरतलब है कि यह मुद्दा पहली बार उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी और भाजपा नेता ध्रुवनारायण सिंह ने उठाया था, जो मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री गोविंद नारायण सिंह के पुत्र हैं।
भाजपा ने 2023 विधानसभा चुनाव में भोपाल सेंट्रल सीट से मसूद के खिलाफ ध्रुवनारायण सिंह को मैदान में उतारा था, लेकिन कांग्रेस नेता मसूद ने यह सीट बरकरार रखी थी।


