जबलपुर, मध्यप्रदेश: हाल ही में लोकार्पित जबलपुर का सबसे बड़ा फ्लाईओवर अब ट्रैफिक सुविधा के बजाय एक खतरनाक ट्रेंड का अड्डा बनता जा रहा है। दिन हो या रात, यहां लोग स्टंटबाजी, हुड़दंग और नशे में घूमने जैसी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं, जिससे न केवल लोगों की जान को खतरा है, बल्कि शहर की प्रतिष्ठा पर भी सवाल उठ रहे हैं।
सुविधा नहीं, स्टंट का अड्डा बना फ्लाईओवर
आए दिन सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो वायरल हो रहे हैं जिनमें युवक फ्लाईओवर पर खतरनाक स्टंट करते दिखते हैं—कोई SUV के दरवाजे से लटकता है, कोई उसकी छत पर बैठा होता है, तो कोई तेज रफ्तार ट्रैफिक के बीच बाइक से करतब दिखा रहा होता है। इससे भी खतरनाक दृश्य तब सामने आता है जब कुछ लोग फ्लाईओवर की रेलिंग पर चढ़ने की कोशिश करते हैं, मानो जान की कोई कीमत ही न हो।
रात में नशे में घूमने की घटनाएं भी बढ़ीं
प्रत्यक्षदर्शियो के अनुसार, कुछ लोग देर रात नशे की हालत में फ्लाईओवर पर घूमते पाए गए हैं। ये लोग अक्सर तेज आवाज में म्यूजिक बजाते हैं, चिल्लाते हैं और ट्रैफिक नियमों का खुलेआम उल्लंघन करते हैं।
घंटों फ्लाईओवर के किनारे खड़े रहते हैं लोग
दिन के समय भी हालात कुछ बेहतर नहीं हैं। कई बार लोग फ्लाईओवर पर इकट्ठा होकर साइड में घंटों तक खड़े रहते हैं, जिससे ट्रैफिक धीमा हो जाता है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
प्रशासन और पुलिस की चुप्पी पर सवाल
इन लगातार बढ़ती घटनाओं पर पुलिस और प्रशासन की चुप्पी चिंता का विषय है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ऐसा प्रतीत होता है मानो अधिकारी किसी बड़ी दुर्घटना के इंतजार में हैं। यदि समय रहते कड़े कदम नहीं उठाए गए, तो यह फ्लाईओवर “विकास की मिसाल” की बजाय “अव्यवस्था की पहचान” बन जाएगा।
जरूरत है कड़ी निगरानी की
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि फ्लाईओवर पर नियमित गश्त और सख्त चेकिंग की व्यवस्था की जाए ताकि यह क्षेत्र स्टंटबाजों और मनमानी करने वालों का अड्डा न बन जाए। वरना, यह फ्लाईओवर जनता की सुविधा के बजाय किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है।


