November 4, 2026
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तेज रफ्तार बस ने दुर्गा पंडाल में घुसकर मचाई तबाही, नो एंट्री तोड़ी, 13 घायल, कई की हालत गंभीर

Sihora News। मंगलवार रात करीब 10 बजे जबलपुर जिले के सिहोरा कस्बे में नवरात्रि उत्सव के दौरान बड़ा हादसा हो गया, जब एक तेज रफ्तार बस सड़क किनारे बने दुर्गा पंडाल में घुस गई। हादसे में 13 लोग घायल हो गए, जिनमें से 5 की हालत गंभीर है और उन्हें जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।

बस कटनी से जबलपुर जा रही थी और जेके एंड जीटी रोडवेज की बताई जा रही है (क्रमांक MP 49 P 0261)। ड्राइवर प्रदीप मिश्रा शराब के नशे में था। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के मुताबिक, कस्बे में नो एंट्री के बावजूद वह जबरन बस लेकर भीतर घुसा और डिवाइडर से बस को निकालते हुए पंडाल में जा घुसा।

भगदड़ और चीख-पुकार का मंजर

बस की चपेट में दो बाइक, एक कार और दर्जनों लोग आए। इस घटना से मौके पर अफरातफरी मच गई। सड़क किनारे आरती देख रहीं महिलाओं और बच्चों को भी चोटें आईं। प्रत्यक्षदर्शी महिलाओं ने बताया कि बस इतनी तेज थी कि लोगों को संभलने का मौका भी नहीं मिला।

घायल 13 में से 5 की हालत गंभीर

घटना में घायल हुए लोगों में खुशबू वंशकार (17), रोली सोनी (25) और सिपाही लाल विश्वकर्मा की हालत बेहद गंभीर है। इन्हें देर रात सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया। अन्य घायलों में ममता कोल, वंदना बर्मन, संध्या चौधरी, शिखा चौधरी, कैलाश चौधरी, मनीष दहिया, कोदू लाल बर्मन और सोहनलाल शामिल हैं। दो घायलों की पहचान अभी नहीं हो सकी है।

इलाज और प्रशासनिक जिम्मेदारी

घायलों को सिहोरा स्वास्थ्य केंद्र में लाया गया था, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद 8 लोगों को घर भेज दिया गया। ड्राइवर प्रदीप मिश्रा को भी गंभीर चोटें आई हैं और वह भी अस्पताल में भर्ती है।

मौके पर पहुंचे आला अधिकारी

घटना की जानकारी मिलते ही विधायक संतोष बरकड़े, कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और एसपी संपत उपाध्याय घटनास्थल पहुंचे। संभागायुक्त धनंजय सिंह और आईजी प्रमोद वर्मा ने भी मेडिकल कॉलेज में घायलों से मुलाकात की और इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।

कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने बताया कि घायलों को रेडक्रॉस की ओर से 10-10 हजार रुपये की सहायता राशि दी गई है। साथ ही थाना प्रभारी को निर्देश दिए गए हैं कि बस स्टैंड के बाहर वाहन खड़े करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

स्थानीयों ने जताया विरोध

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि ड्राइवर नियमित रूप से बस कस्बे में लाकर खड़ा करता था, जबकि इसके लिए स्टैंड पहले से निर्धारित है। लोगों ने प्रशासनिक लापरवाही को भी इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया है।

यह हादसा नवरात्रि जैसे पवित्र पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। प्रशासनिक सख्ती और शराब के नशे में वाहन चलाने वालों पर कठोर कार्रवाई अब और भी जरूरी हो गई है।

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