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August 31, 2026
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राष्ट्रीय

विजय दिवस: राहुल गांधी समेत अन्य कांग्रेस नेताओं ने 1971 के शहीदों को श्रद्धांजलि दी

नई दिल्ली, 16 दिसंबर। लोकसभा में विपक्ष के नेता (एलओपी) राहुल गांधी ने मंगलवार को विजय दिवस के मौके पर 1971 के युद्ध के दौरान दिखाए गए अदम्य साहस और इतिहास रचने वाले जवानों को श्रद्धांजलि दी।

हर साल 16 दिसंबर को भारत 1971 के युद्ध में पाकिस्तान पर मिली निर्णायक जीत की याद में विजय दिवस मनाता है, जिसके बाद पूर्वी पाकिस्तान आजाद हुआ और एक नया देश, बांग्लादेश, बना।

यह तारीख ढाका में भारतीय सेना और मुक्ति वाहिनी के सामने 93 हजार पाकिस्तानी सैनिकों के सरेंडर की भी याद दिलाती है, जो दूसरे विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ा सैन्य सरेंडर था। यह उन भारतीय सैनिकों की बहादुरी और बलिदान का सम्मान करता है जिन्होंने देश के गौरव और आजादी के लिए लड़ाई लड़ी थी।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “1971 के युद्ध में भारत की सीमाओं की रक्षा करते हुए अपने शौर्य, समर्पण और अटूट संकल्प से पूरे विश्व में इतिहास रचने वाले हमारे सशस्त्र बलों के वीरों को विजय दिवस पर नमन करता हूं। उनका अदम्य साहस, संघर्ष और सर्वोच्च बलिदान हर एक भारतवासी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। जय हिंद।”

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पोस्ट में लिखा, “आज ही के दिन वर्ष 1971 में इतिहास रचा गया, जब भारत की वीर सशस्त्र सेनाओं ने पाकिस्तान को निर्णायक रूप से परास्त कर बांग्लादेश को स्वतंत्रता दिलाई और विश्व के मानचित्र को नया स्वरूप दिया।”

उन्होंने आगे लिखा, “इंदिरा गांधी के दूरदर्शी, साहसिक और दृढ़ नेतृत्व में यह विजय मानवता और न्याय की एक महान मिसाल बनी। हम भारतीय सैन्य शक्ति और मुक्ति बाहिनी के अद्वितीय साहस, पराक्रम और बलिदान को शत-शत नमन करते हैं। भारत माता के इन वीर सपूतों का त्याग और समर्पण एक कृतज्ञ राष्ट्र सदैव स्मरण रखेगा।”

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने एक्स पोस्ट में लिखा, “आज ही के दिन हमारी बहादुर सेना ने शौर्य और पराक्रम की मिसाल कायम करते हुए देश को गौरवान्वित किया था। 1971 में हमारी सेना ने हम पर थोपे गए एक युद्ध का मुंहतोड़ जवाब दिया था और पाकिस्तानी सेना का आत्मसमर्पण करवाकर विजय हासिल की थी। इस ऐतिहासिक विजय ने न सिर्फ भारत की अखंडता को मजबूत किया, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारतीय शक्ति को स्थापित किया।”

उन्होंने आगे लिखा, “आज का दिन हमारी सेना के शौर्य, युद्ध कौशल और इंदिरा गांधी के कुशल व साहसी नेतृत्व को याद करने का दिन है। भारत की विजय के लिए बलिदान देने वाले शहीदों और सभी बहादुर सैनिकों को नमन।”

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