कृषि जागरूकता पर दिया गया जोर
कृषि के प्रचार-प्रसार में रेडियो की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए आकाशवाणी बालाघाट (प्रसार भारती) द्वारा रेडियो किसान दिवस के अवसर पर ग्राम धपेरा (मोहगांव) में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कृषि विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों, बैंक प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों एवं बड़ी संख्या में किसानों की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ जीएसटी कमिश्नर लोकेश लिल्हारे, उपसंचालक कृषि फूल सिंह मालवीय, सहायक संचालक कृषि राजेश खोबरागड़े, कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं कार्यक्रम समन्वयक एस.आर. धूवारे, वैज्ञानिक रमेश अमूले (राजा भोज कृषि महाविद्यालय), डॉ. बावसकर दत्ता (केंद्रीय रेशम बोर्ड), सहायक यांत्रिक कृषि अभियांत्रिकी मुकेश कुलस्ते, एलडीएम संजीव कुमार, सहायक निदेशक आकाशवाणी कुंवर विक्रम सिंह, कार्यक्रम अधिकारी धीरज कुमार, सरपंच प्रतिनिधि साधुराम कवाचे एवं प्रगतिशील कृषकों की उपस्थिति में हुआ।
कार्यक्रम अधिकारी धीरज कुमार ने रेडियो किसान दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रेडियो आज भी जनसंचार का सबसे सशक्त एवं विश्वसनीय माध्यम है, जो ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक त्वरित और सटीक जानकारी पहुंचाता है। प्राकृतिक आपदाओं, कृषि सलाह, स्वास्थ्य जागरूकता एवं शिक्षा के क्षेत्र में रेडियो की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है।
सहायक निदेशक कुंवर विक्रम सिंह ने कहा कि आकाशवाणी बालाघाट द्वारा किसानों के अनुभव, कृषि तकनीक और योजनाओं की जानकारी “किसानवाणी” जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से श्रोताओं तक पहुंचाई जा रही है। डिजिटल युग में भी एफएम, सामुदायिक रेडियो और ऑनलाइन स्ट्रीमिंग के माध्यम से रेडियो की पहुंच निरंतर बढ़ रही है।
मुख्य अतिथि लोकेश लिल्हारे ने कहा कि रेडियो का महत्व पहले भी था और आज भी है। कृषि में नई तकनीकों की जानकारी किसानों तक पहुंचाने में आकाशवाणी की अहम भूमिका है। उन्होंने किसानों से अपील की कि प्रसारित कार्यक्रमों से जुड़कर आधुनिक खेती अपनाएं।
उपसंचालक कृषि फूल सिंह मालवीय ने विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए प्राकृतिक खेती, फार्मर आईडी बनाने, तथा दलहनी एवं तिलहनी फसलों को अपनाकर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया। सहायक संचालक राजेश खोबरागड़े ने जैविक एवं प्राकृतिक खेती के साथ आधुनिक तकनीकों पर विस्तृत चर्चा की।
कृषि विज्ञान केंद्र के कार्यक्रम समन्वयक ने नवीनतम अनुसंधान एवं तकनीकों की जानकारी दी। केंद्रीय रेशम बोर्ड के डॉ. बावसकर दत्ता ने रेशम पालन की तकनीक पर प्रकाश डाला, जबकि जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक संजीव कुमार ने किसानों के लिए बैंक योजनाओं की जानकारी साझा की।
इस अवसर पर “मन की बात” में उल्लेखित कटंगी की प्रगतिशील कृषक सोमा उइके सहित जिले के उन्नत कृषकों का सम्मान आकाशवाणी बालाघाट द्वारा किया गया। कार्यक्रम में तकनीकी स्टाफ, कृषि विभाग के अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य रेडियो के माध्यम से कृषि संबंधी जानकारी का व्यापक प्रसार कर किसानों को आधुनिक एवं आत्मनिर्भर खेती की ओर प्रेरित करना रहा।


