पटना, 24 मार्च । पटना में एनडीए के नेताओं ने केंद्र सरकार की योजनाओं को देश के हित में बताया है। उन्होंने कहा कि देश में किसी चीज की कमी नहीं है। सरकार जनता की सुविधाओं को ध्यान में रखकर काम कर रही है। इसीलिए किसी को परेशान नहीं होना चाहिए।
जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “मौजूदा हालात निस्संदेह बहुत प्रतिकूल हैं। इस संदर्भ में बिजली संकट से निपटने के लिए भारत की तैयारियों को कुछ हद तक संतोषजनक माना जा सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि आज हमारे पास 33 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल का रणनीतिक भंडार मौजूद है।”
उन्होंने कहा कि कांग्रेस, जिसने आम लोगों का दोस्त होने का दावा किया था, अब पूरी तरह से बेनकाब हो चुकी है। ऐसे समय में जब पूरी दुनिया में पेट्रोलियम की कीमतें आसमान छू रही हैं, भारत ने आम नागरिक को इन मुश्किलों से बचाया है।
राजीव रंजन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प अब जमीनी स्तर पर साकार होने लगा है, जिसमें काफी समय लग सकता था। 2011 की जनगणना के आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। इससे हमें अपना लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी और 2029 तक महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व मिल पाएगा और वह उद्देश्य पूरा हो जाएगा।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा सदन में पीएम मोदी के भाषण पर की गई टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा, “इस देश के लिए उनके मन में अब कोई प्रेम नहीं बचा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता हैं। उनके शब्दों की इस तरह अनदेखी करना यह दर्शाता है कि राहुल गांधी अपना आपा खो चुके हैं।”
मंत्री दिलीप जायसवाल कहते हैं, “कांग्रेस ने कई पाप किए हैं और एनडीए सरकार को लंबे समय से उन्हें धोने की जरूरत पड़ रही है।”
बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा, “कल लोकसभा में प्रधानमंत्री मोदी ने कोई भाषण नहीं दिया था, बल्कि दुनिया में जो युद्ध की परिस्थिति है, उस पर भारत सरकार का वक्तव्य दिया था। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि भारत शांति का पक्षधर है। उन्होंने देशवासियों को कहा है कि बहुत ही धैर्य मन के साथ हमें इस स्थिति का मुकाबला करना है। आज पूरे विश्व में तेल और गैस का दाम बढ़ा है, लेकिन इस वैश्विक संकट के बाद भी हमारे यहां सभी चीजे नियंत्रण में है। यह प्रधानमंत्री मोदी की देश के 140 करोड़ नागरिकों के प्रति प्रतिबद्धता है।”


