नई दिल्ली, 27 अक्टूबर एयरबीएनबी के सीईओ ब्रायन चेस्की ने कहा कि एआई का तेजी से बदलता दौर उन लोगों के लिए चुनौती पैदा कर सकता है, जो केवल लोगों को मैनेज करते हैं या फिर कुछ नया सीखना नहीं चाहते।
इन्वेस्ट लाइक द बेस्ट पॉडकास्ट में चेस्की ने कहा कि दो श्रेणियों के लोगों के लिए एआई के दौर में बने रहने मुश्किल हो सकता है। पहला – वे जो केवल लोगों को मैनेज करते हैं, दूसरा- वो कर्मचारी जो बदलाव का विरोध करते हैं और कुछ नया नहीं सीखना चाहते।
चेस्की ने कहा,”मुझे नहीं लगता कि भविष्य में ‘पीपल मैनेजर्स’ की कोई अहमियत होगी। ‘पीपल मैनेजर्स’ से मेरा मतलब उन लोगों से है, जिनका काम सिर्फ दूसरे लोगों को मैनेज करना होता है।”
चेस्की का तर्क है कि मैनेजर अपने योगदान को केवल कर्मचारियों को भावनात्मक समर्थन देने या मीटिंग्स को व्यवस्थित करने तक सीमित नहीं रख सकते। इसके बजाय, उन्हें अपनी नेतृत्व संबंधी जिम्मेदारियों के साथ-साथ खुद भी सीधे तौर पर काम में शामिल होना होगा।
उन्होंने इस उभरती हुई भूमिका को ‘हाइब्रिड पीपल मैनेजर’ या ‘मैनेजर आईसी’ का नाम दिया है। इस मतलब है कि एक ऐसा मैनेजर जो टीम में एक व्यक्तिगत योगदान भी देता है।
चेस्की के मुताबिक, कर्मचारियों के साथ मजबूत रिश्ते बनाना आगे भी महत्वपूर्ण बना रहेगा। नियमित रूप से बातचीत करना और टीम के सदस्यों के साथ समय बिताना जैसे कि साथ में डिनर करना मैनेजर्स को अपने लोगों को समझने और भरोसा कायम करने में मदद कर सकता है। लेकिन, अगर प्रबंधक काम में योगदान नहीं दे पाते या कर्मचारियों को अपना प्रदर्शन बेहतर बनाने में मदद नहीं कर पाते, तो आने वाले समय में केवल ये गतिविधियां काफी नहीं होंगी।
चेस्की ने उन पेशेवरों के लिए भी जोखिमों की ओर इशारा किया जो नई टेक्नोलॉजी सीखने से बचते हैं। जैसे-जैसे एआई रोजमर्रा के काम का हिस्सा बनता जा रहा है, जो कर्मचारी नए टूल्स को आजमाने से कतराते हैं, वे खुद को नुकसान की स्थिति में पा सकते हैं।
हालांकि, उन्होंने बताया कि एआई के साथ ढलने के लिए जरूरी नहीं कि आपके पास बहुत उच्च-स्तरीय तकनीकी विशेषज्ञता हो। सीखने, प्रयोग करने और नए कौशल विकसित करने की इच्छा रखने से कर्मचारियों को इस बदलाव के दौर से गुजरने में मदद मिल सकती है।
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