कलेक्टर आदित्य सिंह ने देवरबेली पंचायत के चार गांवों का किया भ्रमण, ग्रामीणों से संवाद कर जानीं समस्याएं
शिक्षा, बिजली, पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ी समस्याओं के निराकरण के लिए अधिकारियों को दिए निर्देश
बालाघाट 28 अक्टूबर 2026। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की घोषणा के अनुरूप बालाघाट जिले के नक्सल प्रभावित रहे 100 चिन्हित गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, अधोसंरचना विकास तथा रोजगारमूलक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन ने तत्परता से प्रयास शुरू कर दिए हैं। इस दिशा में बालाघाट जिला प्रशासन द्वारा सभी विभागों के अधिकारियों को 14 दिनों के भीतर चिन्हित 100 गांवों का भ्रमण कर ग्रामीणों से संवाद करने तथा उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसी कड़ी में कलेक्टर श्री आदित्य सिंह ने 28 अक्टूबर को लांजी विकासखंड की देवरबेली ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले ग्राम बरगुड़-(सतोना), केराडीह, संदूका एवं सायर का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली। साथ ही इन गांवों के आंगनवाड़ी केंद्रों एवं स्कूल का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं की स्थिति का जायजा भी लिया।
बरगुड़-(सतोना) में आंगनवाड़ी केंद्र का निरीक्षण, बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य की ली जानकारी
कलेक्टर श्री आदित्य सिंह 28 अक्टूबर को सबसे पहले देवरबेली ग्राम पंचायत के ग्राम बरगुड़-(सतोना) पहुंचे। यहां उन्होंने आंगनवाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं आशा कार्यकर्ता से बच्चों के टीकाकरण तथा बीमारियों से ग्रसित बच्चों की जानकारी ली। इस दौरान बताया गया कि गांव के सभी बच्चों का नियमित रूप से टीकाकरण किया जा रहा है तथा गांव में कोई भी बच्चा बीमार नहीं है। कुपोषित बच्चों के संबंध में जानकारी लेने पर बताया गया कि एक बच्चा एसएएम (SAM) श्रेणी में है, जिसका उपचार किया जा रहा है।
कलेक्टर श्री सिंह को बताया गया कि आंगनवाड़ी केंद्र के बच्चों को नियमित रूप से नाश्ता एवं दोपहर का भोजन दिया जा रहा है। भोजन के नमूने भी जांच के लिए सुरक्षित रखे जा रहे हैं। बच्चों को दिए जा रहे नाश्ते की गुणवत्ता परखने के लिए कलेक्टर ने स्वयं उसका स्वाद चखा और गुणवत्ता की सराहना की। उन्होंने आंगनवाड़ी केंद्र में पंजीकृत धात्री एवं गर्भवती माताओं की संख्या तथा उन्हें उपलब्ध कराए जा रहे पोषण आहार के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की।
सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी का चार्ट लगाना अनिवार्य
आंगनवाड़ी केंद्र के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री सिंह ने निर्देश दिए कि जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर एक निर्धारित प्रारूप में चार्ट अनिवार्य रूप से चस्पा किया जाए। इस चार्ट में केंद्र में दर्ज बच्चों के नाम, उनकी उम्र, टीकाकरण की स्थिति, कुपोषण की एसएएम एवं एमएएम श्रेणी, एनीमिया से संबंधित स्थिति तथा बीमार बच्चों के पिछले फॉलोअप की जानकारी दर्ज होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि इस प्रकार का चार्ट जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों के बाहर अनिवार्य रूप से लगाया जाए। कलेक्टर ने कहा कि जब भी उनके द्वारा किसी आंगनवाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया जाएगा, वहां यह चार्ट उपलब्ध मिलना चाहिए, ताकि बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण एवं उपचार की स्थिति की जानकारी आसानी से प्राप्त की जा सके।
किसानों को अलसी और सरसों की खेती के लिए करेंगे प्रोत्साहित
ग्राम बरगुड़-(सतोना) में ग्रामीणों से संवाद के दौरान कलेक्टर श्री सिंह ने कृषि कार्यों एवं पशुपालन से संबंधित गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने कृषि विभाग के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी को निर्देशित किया कि गांव के किसानों को रबी सीजन में अलसी एवं सरसों की फसल लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने उद्यान विस्तार अधिकारी को निर्देश दिए कि गांव के ग्रामीणों को सब्जी उत्पादन एवं अन्य उद्यानिकी फसलों से जोड़ने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं। साथ ही ग्रामीणों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाया जाए, ताकि उनकी आय में वृद्धि हो सके। ग्रामीणों को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से कलेक्टर ने पशु चिकित्सा सेवा विभाग को भैंस पालन, बकरी पालन एवं मुर्गी पालन जैसे व्यवसायों से ग्रामीणों को जोड़ने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
13 किसानों के कोदो-कुटकी पंजीयन और पेयजल समस्या के निराकरण के निर्देश
ग्रामीणों ने चर्चा के दौरान बताया कि गांव के 13 किसानों का कोदो-कुटकी उपार्जन के लिए पंजीयन नहीं हो पा रहा है। इस पर कलेक्टर श्री सिंह ने कृषि विभाग के अधिकारियों को शीघ्र आवश्यक कार्रवाई कर किसानों की समस्या का निराकरण करने के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने गांव में नल-जल योजना का पंप खराब होने के कारण पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने की समस्या भी बताई। इस पर कलेक्टर ने ग्राम पंचायत के सचिव को निर्देशित किया कि पंचायत में उपलब्ध राशि का उपयोग कर पंप की मरम्मत कराई जाए तथा शीघ्र ही पेयजल आपूर्ति पुनः शुरू कराई जाए। उन्होंने आयुष विभाग के अधिकारी को गांव में अपनी सेवाएं देने तथा बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए आवश्यक पोषण सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
केराडीह में प्राथमिक शाला, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की मांग
ग्राम बरगुड़-(सतोना) के बाद कलेक्टर श्री आदित्य सिंह देवरबेली ग्राम पंचायत के ग्राम केराडीह पहुंचे। लगभग 200 की आबादी वाले इस गांव में आंगनवाड़ी भवन क्षतिग्रस्त होने के कारण केंद्र का संचालन किराये के मकान में किया जा रहा है। कलेक्टर श्री सिंह ने आंगनवाड़ी केंद्र पहुंचकर महिलाओं एवं ग्रामीणों से संवाद किया। निरीक्षण के दौरान बताया गया कि गांव में तीन धात्री एवं दो गर्भवती महिलाएं हैं। गांव में कोई भी बच्चा कुपोषित नहीं है। सभी बच्चों का नियमित टीकाकरण हो रहा है तथा उन्हें पोषण आहार भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
ग्रामीणों से चर्चा के दौरान गांव की विभिन्न समस्याएं सामने आईं। ग्रामीणों ने बताया कि केराडीह में प्राथमिक शाला नहीं है, जिसके कारण बच्चों को पढ़ाई के लिए लगभग चार किलोमीटर दूर टेमनी जाना पड़ता है। गांव में बिजली की सुविधा उपलब्ध नहीं है तथा पेयजल की समस्या भी बनी हुई है। इसके अलावा ग्रामीणों ने गांव में एक सभामंच के निर्माण की आवश्यकता बताई। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि उन्हें वन अधिकार पट्टा नहीं मिल पा रहा है। वहीं, केराडीह से हर्राडेही-देवरबेली तक सड़क का निर्माण नहीं होने के कारण आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्राथमिक शाला खोलने और बिजली पहुंचाने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश
ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर श्री सिंह ने लांजी के बीआरसी को ग्राम केराडीह में नवीन प्राथमिक शाला खोलने के लिए शीघ्र प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्युत मंडल के अधिकारी को गांव में बिजली की सुविधा उपलब्ध कराने तथा नवीन बिजली लाइन बिछाने के लिए प्रस्ताव तैयार करने को कहा। जनपद पंचायत लांजी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को केराडीह सहित ऐसे अन्य गांवों में भी सभामंच निर्माण के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए, जहां अभी तक सभामंच उपलब्ध नहीं है।
कलेक्टर श्री सिंह ने एसडीएम लांजी को निर्देशित किया कि वन अधिकार पट्टा प्राप्त करने के लिए पात्र सभी लोगों के मामलों में आवश्यक कार्रवाई शुरू की जाए। साथ ही उन्होंने क्षतिग्रस्त आंगनवाड़ी भवन की मरम्मत का कार्य शीघ्र पूरा कराने के निर्देश भी दिए।
महिला स्व-सहायता समूहों को दोना-पत्तल निर्माण से जोड़ने की पहल
ग्राम केराडीह में ग्रामीणों की आजीविका बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री सिंह ने आजीविका मिशन के अधिकारी को निर्देश दिए कि गांव की महिलाओं के स्व-सहायता समूहों को सक्रिय किया जाए तथा उन्हें दोना-पत्तल बनाने की मशीन उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों द्वारा तैयार की जाने वाली झाड़ू एवं अन्य सामग्रियों को बाजार तक पहुंचाने के लिए भी पहल करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्ट श्री आदित्य सिंह ने कहा कि गांव के किसी इच्छुक व्यक्ति को इन उत्पादों के परिवहन एवं विपणन के लिए ऑटो रिक्शा उपलब्ध कराने हेतु ऋण दिलाने की कार्रवाई की जाए। इसके अलावा पशुपालन विभाग को ग्राम केराडीह में बकरी पालन एवं भैंस पालन के लिए पात्र हितग्राहियों के प्रकरण तैयार करने के निर्देश दिए गए, ताकि ग्रामीणों को स्वरोजगार के अवसर मिल सकें और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके।
ग्रामीणों के साथ निर्माणाधीन सड़क का निरीक्षण करने पैदल पहुंचे कलेक्टर
ग्रामीणों की मांग पर कलेक्टर श्री आदित्य सिंह ग्राम केराडीह से हर्राडेही-देवरबेली निर्माणाधीन सड़क का कार्य देखने के लिए पैदल ही पहुंचे। ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि सड़क निर्माण के दौरान घाट की कटाई उचित तरीके से नहीं की जा रही है। इससे सड़क बनने के बाद भी घाट पर चढ़ने-उतरने में परेशानी हो सकती है।
कलेक्टर श्री सिंह ने ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचकर सड़क निर्माण की स्थिति का निरीक्षण किया और उनकी आशंकाओं को समझा। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क इकाई के महाप्रबंधक श्री तोविंद्र सिंह जौहरे से चर्चा कर सड़क निर्माण कार्य की प्रगति एवं घाट की कटाई के संबंध में जानकारी ली। इस पर बताया गया कि सड़क निर्माण का कार्य दिसंबर 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। वर्तमान में घाट की कटाई का कार्य जारी है। सड़क का निर्माण पूरा होने के बाद क्षेत्र में आवागमन सुगम हो जाएगा।
सड़क निर्माण में घाट की कटाई को सुगम बनाने के निर्देश, कलेक्टर ने किया दोबारा आने का वादा
कलेक्टर श्री सिंह ने ग्रामीणों की आशंकाओं को दूर करते हुए कहा कि सड़क निर्माण के दौरान घाट की कटाई का कार्य इस तरह कराया जाएगा कि आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि सड़क निर्माण पूरा होने के बाद वे स्वयं दोबारा यहां आएंगे और इस सड़क पर साइकिल चलाकर दिखाएंगे। कलेक्टर के इस आश्वासन से ग्रामीणों को सड़क निर्माण कार्य में उनकी समस्याओं और सुझावों को ध्यान में रखे जाने की उम्मीद जगी है।


