मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आज बालाघाट विधायक श्रीमती अनुभा मुंजारे जी ने मुख्यमंत्री निवास पर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर क्षेत्रीय विकास से जुड़े विभिन्न अहम मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए विस्तृत पूर्वक चर्चा कर पत्र प्रेषित किया।
शिष्टाचार मुलाकात के दौरान बालाघाट जिले की बहुप्रतीक्षित मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष प्रमुखता से रखा गया। विशेष रूप से बैहर चौकी रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति शीघ्र प्रदान करने का आग्रह किया गया, जो लंबे समय से स्थानीय जनता की प्राथमिक मांग रही है। इसके साथ ही बालाघाट विधानसभा क्षेत्र की बहुउद्देशीय कार्ययोजना के अंतर्गत पाथरी लघु जलाशय की नहरों के सुदृढ़ीकरण एवं लाइनिंग कार्य (लगभग 3.32 करोड़ रुपये लागत) की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान करने का विषय भी प्रमुखता से रखा गया।
इसके अतिरिक्त ग्राम कनकी (रेत घाट) से भटेरा के बीच वैनगंगा नदी पर एक उच्चस्तरीय पुल निर्माण की जनहित में आवश्यकता है जिसकी लंबाई 400 मीटर है व लागत 26.40 करोड़ की है,जिससे क्षेत्र में आवागमन सुगम होने के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिल सकेगी इस हेतु माननीय मुख्यमंत्री जी का ध्यान आकृष्ट करवाया गया। वहीं, लालबर्रा क्षेत्र में राजस्व अनुविभाग (एसडीएम) कार्यालय स्थापित करने की मांग को पुनःमुख्यमंत्री जी के समक्ष रखा गया ताकि स्थानीय नागरिकों को प्रशासनिक सुविधाएं उन्हें स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकें और लंबित पड़े राजस्व प्रकरण का तत्काल समाधान हो सके।
मुख्यमंत्री के साथ हुई इस बैठक में सभी मुद्दों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा हुई। चर्चा उपरांत उन्होंने विधायक को पूर्ण आश्वस्त किया एवं डॉ. मोहन यादव ने प्रस्तुत प्रस्तावों को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई के लिए सभी पत्रों को मार्क करते हुए सम्बन्धित विभाग को तत्काल इसे करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े इन विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा।
मुलाकात के उपरांत यह विश्वास व्यक्त किया गया कि मुख्यमंत्री के आश्वासन के अनुरूप जल्द ही इन योजनाओं को स्वीकृति प्राप्त होगी और क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलेगी। बालाघाट जिले की स्थानीय जनता में भी इस मुलाकात के बाद आशा और उत्साह का माहौल देखा जा रहा है, जिससे आने वाले समय में बालाघाट जिले में आधारभूत संरचना और प्रशासनिक सुविधाओं का विस्तार संभव हो सकेगा एवं बालाघाट विधानसभा क्षेत्र को एक नया आयाम मिले और ग्राम के अंतिम छोर तक विकास संभव हो सके।


