बालाघाट/रामपायली, एक दशक पूर्व चंदन नदी के तट पर श्री बालाजी गौशाला का स्थापना बड़े धूमधाम से की गई लेकिन समय बीतने के साथ इस गौशाला की दुर्दशा भी बढ़ाते चली गई रखरखाव एवं सुनिश्चित व्यवस्थाओं का अभाव सदैव गौशाला में गौ माता के लिए अभिशप्त बनता चला गया हाल यह है कि गायों के पीने के लिए पानी का भी अब इस गौशाला में अभाव विकराल रूप धारण करता जा रहा है इस गौशाला का शुभारंभ जब हुआ था तब यहां की व्यवस्थाएं महीना दो महीना चाक चौबंद रही उसके उपरांत मिलने वाला गौशाला के लिए सुव्यस्थित व्यवस्थाओं का अभाव तब से लेकर आज तक निरंतर बना हुआ है यहां मौजूद समिति के लोग इन मुख्य पशुओं के बचाव और समूचित रखरखाव के लिए आए दिन शासकीय कार्यालय के चक्कर लगाते रहते हैं लेकिन व्यवस्थाएं हर बार ढाक के तीन पात वाली कहावत चरितार्थ होती है वर्तमान समय में भीषण पेयजल संकट इस गौशाला में उत्पन्न हो गया है इस गौशाला के स्थापना वर्ष में एक कुएं का निर्माण किया गया लेकिन नदियों की छलनी करने वालों ने किसी भी तरह की कोताही नहीं बरती जिसके कारण नदी किनारे बसे गांव ही अब प्यासे हो चुके हैं जिसके कारण सभी स्थानों के कुओं का जलस्तर नीचे जा चुका है और कहीं कहीं तो कुएं में पानी ही नहीं दिखाई दे रहा है जिसके कारण जीवित प्राणियों के लिए जल की भारी समस्या नगर क्षेत्र में विकराल रूप धारण करते जा रही है इस गौशाला में पशुओं के पीने के लिए जल की समस्या होने से यहां समिति के सदस्यों ने कूप खनन की मांग हेतु पत्र जिला कलेक्टर अनुविभागीय अधिकारी वारासिवनी एवं शासन को मांग पत्र दिया है जिसका निराकरण अब तक न होने से गायों के लिए प्यासे रहने की नौबत आन पड़ी है गौ प्रेमी एवं शासन प्रशासन को इस ओर अभिलंब ध्यान देने की महिती आवश्यकता है जिससे मुख पशुओं को सुविधाजनक तरीके से पेयजल की पूर्ति बहुतायत मात्रा में सदैव मिलती रहे ताकि केवल पेयजल के लिए मृत्यु होने के समाचार प्रकाश में ना आ आए इस ओर जिला कलेक्टर से समिति के सदस्यों ने अनुरोध किया है कि शासन प्रशासन अभिलंब इस गौशाला में कूप निर्माण अभिलंब कर पानी की उपलब्धता अभिलंब करें। क्योंकि समीप बहने वाली चंदन नदी भी पूरी तरह से सूख चुकी है जहां मुख जीव जंतुओं के लिए भी प्यास बुझाने पानी नहीं बचा है जिसमें कम से कम नहरों के माध्यम से पानी छोड़ा जाए कूप निर्माण होने के उपरांत गौशाला की समस्या में पेयजल की समस्या से मुक्ति मिल सकती है ऐसी जनापेक्षा है


