28.7 C
Jabalpur
April 17, 2026
सी टाइम्स
व्यापार

दहेज लेन-देन वाली शादियों में नहीं जाएंगी नेपाल की सबसे युवा डिप्टी स्पीकर रुबी ठाकुर



काठमांडू, 16 अप्रैल  नेपाल की हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की नई चुनी गई डिप्टी स्पीकर रुबी कुमारी ठाकुर ने घोषणा की है कि वे किसी भी ऐसे शादी समारोह में शामिल नहीं होंगी जहां दहेज का लेन-देन होता हो।



26 साल की ठाकुर को नौ अप्रैल को उपसभामुख चुना गया, और वे इस पद पर पहुंचने वाली अब तक की सबसे युवा मह‍िला बन गई हैं। देश की राजनीति में इसे एक नई पीढ़ी के उभरने के रूप में देखा जा रहा है। वे श्रम संस्कृति पार्टी नाम की नई राजनीतिक पार्टी से समानुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के जरिए संसद में पहुंची हैं।

सांसद बनने के बाद ही उन्होंने कहा था कि वे दहेज प्रथा के खिलाफ काम करेंगी। खासकर मधेश प्रांत के मधेसी समुदाय में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है, जहां से वे खुद आती हैं। दहेज प्रथा महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा का एक बड़ा कारण रही है।

उन्होंने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म फेसबुक पर लिखा, “मुझे हाल ही में कई शादी के निमंत्रण मिल रहे हैं, लेकिन किसी भी कार्ड में ‘दहेज-मुक्त विवाह’ का साफ जि‍क्र नहीं दिखा। इससे लगता है कि हमारा समाज अभी तक इस बुरी प्रथा से पूरी तरह मुक्त नहीं हो पाया है।”

उन्होंने आगे कहा, “दहेज लेना-देना ही नहीं, बल्कि ऐसे विवाह को स्वीकार करना, उसमें शामिल होना या उसके भोज में जाना भी सामाजिक रूप से गलत और कानूनन अपराध है। यह प्रथा महिलाओं की गरिमा, बराबरी और अधिकारों को सीधे तौर पर नुकसान पहुंचाती है।”

ठाकुर ने यह भी कहा कि वे ऐसे किसी भी शादी समारोह में शामिल नहीं होंगी जहां दहेज का लेन-देन हो। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे दहेज-मुक्त, बराबरी और सम्मान पर आधारित शादियों को बढ़ावा दें। उन्होंने सुझाव दिया कि शादी के कार्ड में साफ लिखा जाए: “दहेज-मुक्त विवाह; दहेज लेना-देना सामाजिक और कानूनी अपराध है।”

उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब कानून और जागरूकता बढ़ने के बावजूद दहेज प्रथा अब भी जारी है।

नेपाल पुलिस के अनुसार, वित्त वर्ष 2023–24 में दहेज से जुड़े 10 मामले सामने आए, जिनमें से सात मधेश प्रांत में दर्ज हुए। यह प्रथा वहीं ज्यादा देखने को मिलती है, लेकिन अलग-अलग वर्गों में भी मौजूद है। आमतौर पर वही मामले सामने आते हैं, जिनमें हिंसा शामिल होती है।

अन्य ख़बरें

वित्तीय निगरानी बढ़ाने और मनी लॉन्ड्रिंग पर अंकुश लगाने के लिए एफआईयू-इंडिया, सेबी और पीएफआरडीए के बीच हुआ समझौता

Newsdesk

सिर्फ एआई न बनाएं, इसे किफायती भी बनाएं : ऊर्जा दक्षता ब्यूरो के अधिकारी

Newsdesk

8वें वेतन आयोग में न्यूनतम वेतन बढ़ाकर 69,000 रुपए करने की मांग, एनसी-जेसीएम ने 3.83 फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव दिया

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading