जबलपुर। जिले के एकलव्य आवासीय विद्यालयों में व्याप्त अव्यवस्थाएं अब भी जस की तस बनी हुई हैं। छात्र संगठनों द्वारा गंभीर आरोप लगाए जाने और प्रशासन को ज्ञापन सौंपे जाने के बावजूद हालात में कोई ठोस सुधार देखने को नहीं मिला है। आवासीय विद्यालयों में रह रहे विद्यार्थियों का कहना है कि वे आज भी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जीवन यापन करने को मजबूर हैं, जिससे उनकी पढ़ाई और स्वास्थ्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
ज्ञात हो कि छात्र संगठन एनएसयूआई ने संभागीय आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर जिले के सभी आवासीय विद्यालयों की जांच की मांग की थी। विशेष रूप से बरबटी (बरगी) स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय में शैक्षणिक और आवासीय व्यवस्थाओं में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया गया था। ज्ञापन में कहा गया था कि जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित इन विद्यालयों में बुनियादी व्यवस्थाएं ही चरमरा गई हैं।
छात्रों ने भोजन की अनियमितता और उसकी खराब गुणवत्ता को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उनका कहना है कि न तो समय पर भोजन मिल रहा है और न ही उसकी गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप है, जिससे स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ रहा है। इसके अलावा आवास और स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया था कि पूर्व में रामपुर स्थित एक अन्य आवासीय विद्यालय में खराब भोजन के कारण कई छात्र बीमार पड़ गए थे, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। ऐसे मामलों को देखते हुए समय रहते प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता जताई गई थी।
हालांकि, ज्ञापन दिए जाने के कई महीने बीत जाने के बाद भी न तो किसी प्रकार की जांच शुरू की गई है और न ही किसी जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई हुई है। इस उदासीनता का सीधा खामियाजा इन विद्यालयों में रहने वाले छात्रों को भुगतना पड़ रहा है, जो अब भी बेहतर सुविधाओं और सुधार की प्रतीक्षा में हैं।


