जबलपुर। शहर के विभिन्न इलाकों में बिजली ट्रांसफार्मरों के नीचे जमा हो रहा कचरा अब संभावित अग्नि हादसों का बड़ा कारण बनता जा रहा है। कई स्थानों पर सूखे पत्तों, प्लास्टिक और घरेलू कचरे के ढेर सीधे ट्रांसफार्मरों के नीचे लगाए जा रहे हैं, जिससे खतरा लगातार बढ़ रहा है और किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सफाई के नाम पर कई बार कचरे में आग लगा दी जाती है, जबकि कुछ मामलों में बीड़ी-सिगरेट या अन्य लापरवाही के चलते भी सूखा कचरा सुलग उठता है। यह आग धीरे-धीरे फैलकर ट्रांसफार्मर तक पहुंच जाती है, जिससे शॉर्ट सर्किट और आगजनी जैसी घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। ऐसी स्थिति में न केवल बिजली आपूर्ति बाधित होती है, बल्कि आसपास के क्षेत्र को भी नुकसान पहुंच सकता है।
विद्युत विभाग द्वारा समय-समय पर ट्रांसफार्मरों के आसपास कचरा न डालने की अपील की जाती रही है, लेकिन इसके बावजूद लोग लापरवाही बरत रहे हैं। विभाग का कहना है कि ट्रांसफार्मर के पास ज्वलनशील सामग्री रखना बेहद खतरनाक है और इससे बड़े हादसे हो सकते हैं। इसके बावजूद कई जगहों पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।
इसी लापरवाही का एक उदाहरण मोती नाला क्षेत्र में सामने आया, जहां ट्रांसफार्मर में अचानक भीषण आग लग गई। आग की ऊंची लपटें और घना धुआं दूर से ही दिखाई देने लगा, जिससे आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया गया।
फायरमैन जगदीश सिंह के अनुसार, रविवार दोपहर करीब 12:30 बजे 33 केवी और 11 केवी लाइन से जुड़े ट्रांसफार्मर में आग लगने की सूचना मिली थी, जिसके बाद तुरंत दमकल की दो गाड़ियों को रवाना किया गया। विद्युत विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ट्रांसफार्मर के नीचे जमा कचरे में आग लगाने के कारण ही यह घटना हुई।
नागरिकों ने प्रशासन से सख्त निगरानी और नियमित सफाई की मांग की है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे स्वयं जागरूक बनें और ट्रांसफार्मरों के आसपास कचरा न डालें, ताकि इस तरह के खतरनाक हादसों से बचा जा सके।


