कान्हीवाड़ा – क्षेत्र के पशुपालकों को इन दिनों भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पशु चिकित्सालय कान्हीवाड़ा में डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति नहीं होने से इलाज व्यवस्था प्रभावित हो रही है। बताया जा रहा है कि अस्पताल में चपरासी से लेकर डॉक्टर तक गांव-गांव जाकर इलाज करते हैं, जिसके कारण अस्पताल में आने वाले मरीजों को डॉक्टर नहीं मिल पाते और उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है।
जानकारी के अनुसार पशु चिकित्सालय की व्यवस्था एक प्राइवेट महिला कर्मचारी के भरोसे संचालित हो रही है, जो अस्पताल में आने वाले पशुपालकों को दवाइयां देने और अन्य कार्य संभालती दिखाई देती है। इससे पशुपालकों में नाराजगी बढ़ रही है और इलाज की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि पशु चिकित्सालय में पदस्थ डॉक्टर इनवाती मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर से आते हैं, जिससे अस्पताल में नियमित रूप से समय पर सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। कई बार डॉक्टर के नहीं रहने से गंभीर रूप से बीमार पशुओं का इलाज समय पर नहीं हो पाता, जिससे पशुपालकों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
क्षेत्र के पशुपालकों का कहना है कि अस्पताल में डॉक्टर की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें समय पर उपचार मिल सके। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पशु चिकित्सालय कान्हीवाड़ा की व्यवस्था सुधारने के लिए जल्द कदम उठाए जाएं।


