जबलपुर – खेती-किसानी से जुड़ी समस्याओं का निराकरण करने आज शनिवार को कलेक्टर कार्यालय में आयोजित की गई कृषक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा कृषि से जुड़े विभागों के अधिकारियों की संयुक्त बैठक में उपार्जन, नरवाई प्रबंधन, ई-विकास प्रणाली, नहरों के रखरखाव और विद्युत आपूर्ति जैसे मुद्दों पर विस्तार से विचार विमर्श किया गया।
कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने बैठक की अध्यक्षता करते हुये किसानों की कृषि से जुड़ी समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। श्री सिंह ने किसानों के उपार्जन से जुड़े मुद्दों और शिकायतों का शीघ्र निराकरण करने की हिदायत भी अधिकारियों को दी। श्री सिंह ने किसानों संगठनों से उपार्जन की व्यवस्था को दुरुस्त करने में सहभागी बनने का आग्रह भी बैठक में किया, ताकि वास्तविक किसानों को किसी तरह की असुविधा न हो और बिचौलिये या व्यापारी इस व्यवस्था का अनुचित लाभ न उठा पायें। उन्होंने कृषि से अधिक आय अर्जित करने के लिये किसानों को कृषि की नवीनतम तकनीकों को तथा फसल विविधीकरण को अपनाने की सलाह दी।
कलेक्टर श्री सिंह ने किसानों को सिंचाई के लिये बरगी बांध की नहरों से पानी की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुये नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से कहा कि नहरों के आखिरी छोर तक पानी नहीं पहुंचने की किसानों की शिकायतों का निराकरण करने किसान संगठनों के प्रतिनिधियों की जल्दी ही अलग से बैठक बुलायें।
कलेक्टर ने बैठक में सिंचाई पम्पों के लिये विद्युत की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग पर विद्युत वितरण कम्पनी के अधिकारियों को खराब होने पर ट्रांफार्मरों को तत्काल बदलने तथा ट्रांसफार्मर शिफ्टिंग जैसे कार्यों में प्राथमिकता देने की हिदायत दी। श्री सिंह ने किसान संघों की मांग पर ई-विकास प्रणाली का तहसील स्तर पर किसानों के लिये प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश दिये। उन्होंने ई-विकास पोर्टल पर खसरा नहीं जुड़ने की किसानों की समस्या के निराकरण के लिये भी तहसील स्तर पर शिविरों के आयोजन आयोजन करने अधिकारियों को निर्देशित किया।
बैठक में नरवाई जलाने से कृषि भूमि की उर्वरा शक्ति एवं पर्यावरण को वाले नुकसान की जानकारी दी गई तथा किसानों से नरवाई नहीं जलाने का अनुरोध किया गया। नरवाई प्रबंधन की इलेक्ट्रिक रीपर तकनीक का प्रजेंटशन बैठक में दिया गया तथा इसकी विशेषताएं बताई गईं। इसके साथ ही आधुनिक कृषि यंत्रों प्रदर्शन भी कलेक्ट्रेट परिसर में किया गया।
बैठक में गेहूँ उपार्जन की व्यवस्थाओं की जानकारी भी किसानों को दी गई। बताया गया कि किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन कार्य प्रारंभ हो चुका है। अभी तक 47 उपार्जन केंद्र स्थापित किये जा चुके हैं। जल्दी ही 11 उपार्जन केंद्र और शुरू किये जा रहे हैं। बैठक में विभिन्न किसान संगठनों के प्रतिनिधि एवं पदाधिकारी, संयुक्त कलेक्टर ऋषभ जैन, कृषि से जुड़े सभी विभागों के अधिकारी तथा जिला उपार्जन समिति के सभी सदस्य मौजूद थे।


