जबालपुर। शहर के धनवंतरी नगर क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने दो परिवारों को उजाड़ दिया। शराब के नशे में धुत एक कार चालक ने सड़क किनारे खड़े लोगों पर तेज रफ्तार में कार चढ़ा दी, जिससे दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हैरानी की बात यह रही कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी आरोपी मौके पर मौजूद लोगों से कहता रहा—“कुछ नहीं हुआ है।”
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब सड़क किनारे बड़ी संख्या में लोग खड़े थे। कई लोग पास की शराब दुकान से शराब लेकर वहीं अपने वाहनों के पास खड़े होकर पी रहे थे। तभी सफेद रंग की कार तेज रफ्तार में आई और बिना ब्रेक लगाए सीधे लोगों को टक्कर मारते हुए निकल गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार पलट गई और कई वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए।
घटना में अधारताल निवासी गणेश प्रसाद (45 वर्ष) और पंकज साहू (34 वर्ष) की मौत हो गई। घायल शुभम कुम्हार ने बताया कि वह अपने पिता के साथ शादी समारोह से लौटते समय धनवंतरी नगर तिराहे पर पानी पीने के लिए रुका था। तभी अचानक तेज रफ्तार कार ने उन्हें कुचल दिया।
मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी चालक को पकड़ लिया, जो स्पष्ट रूप से नशे में था। उसकी पहचान किशन चौधरी (27 वर्ष), निवासी रांझी के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर कार जब्त कर ली है और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सड़क पर ही बन रहा “खुला अहाता”
इस घटना के बाद क्षेत्रीय पार्षद जीतू कटारे ने प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि धनवंतरी नगर स्थित शराब दुकान के सामने रोजाना लोग खुलेआम सड़क पर खड़े होकर शराब पीते हैं, जिससे यह स्थान “खुले अहाते” में बदल जाता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, शाम होते ही सड़क किनारे वाहन खड़े कर शराब पीना आम बात है, जिससे अक्सर यातायात बाधित होता है और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
प्रशासन और आबकारी विभाग पर सवाल
घटना ने पुलिस और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि मुख्य मार्ग पर स्थित इस शराब दुकान के सामने खुलेआम शराब पीने की व्यवस्था लंबे समय से चल रही है, लेकिन कभी सख्त कार्रवाई नहीं की गई।
यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि शराब माफिया और अधिकारियों के बीच “सेटिंग” के चलते इस तरह की अव्यवस्था को नजरअंदाज किया जाता रहा है, जिसका खामियाजा अब निर्दोष लोगों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा है।
लापरवाही बनी मौत की वजह
यह हादसा केवल एक नशे में धुत चालक की गलती नहीं, बल्कि व्यवस्था की लापरवाही का भी परिणाम माना जा रहा है। यदि समय रहते सड़क पर खुलेआम शराब पीने और अव्यवस्था पर रोक लगाई जाती, तो शायद यह दर्दनाक घटना टल सकती थी।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन इस हादसे ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था और शराब दुकानों के संचालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


