डिण्डोरी सी टाइम्स । भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा के नेतृत्व में जिला मुख्यालय डिंडोरी में जाना क्रॉस महिला पदयात्रा का आयोजन किया गया जो की डिंडोरी मुख्य मार्ग में कॉलेज तिराहा से भाजपा कार्यालय तक पदयात्रा निकाल कर कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी पार्टियों का विरोध प्रदर्शन जमकर नारेबाजी के साथ किया गया। महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष नरवरिया मरकाम ने बताया कि हाल ही में लोकसभा में जो घटनाक्रम हुआ, वह केवल एक संसदीय प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी के अधिकारों से जुड़ा एक अत्यंत गंभीर विषय है।
महिला विरोधी गठबंधन (Anti Women Alliance) ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को प्रभावी बनाने वाले 131वें संविधान संशोधन विधेयक को रोककर अपनी वास्तविक मानसिकता उजागर कर दी है। एंटी वूमन एलाएंस की सच्चाई देश के सामने आ चुकी है। कांग्रेस, डीएमके और उनके सहयोगियों के इस महिला-विरोधी गठबंधन ने न केवल एक विधेयक को रोका, बल्कि करोड़ों महिलाओं के अधिकारों और भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। और विडंबना देखिए-इस पर विपक्ष जश्न मनाता रहा। विपक्ष का जश्न, हर महिला का अपमान है। कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी, समाजवादी पार्टी और पूरे इंडि गठबंधन ने एक ऐतिहासिक अवसर को बाधित किया। पूर्व जिला मंत्री कीर्ति गुप्ता ने कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की दिशा में यह एक निर्णायक कदम था, जिसे राजनीतिक स्वार्थों के कारण रोक दिया गया। यह लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी को टालने का स्पष्ट उदाहरण है। विपक्ष की मानसिकता का इतिहास गवाह है। राहुल गांधी और उनके (Anti Women Alliance) ने एक बार फिर दिखा दिया कि उनके लिए महिला सशक्तिकरण केवल चुनावी नारा है, वास्तविक प्रतिबद्धता नहीं।कांग्रेस का इतिहास महिलाओं के अधिकारों का विरोध करने का रहा है।
इस विरोध यात्रा में भाजपा, जिला महामंत्री सुधीरदत्त तिवारी, जिला उपाध्यक्ष सुधीर दत्त तिवारी पिछड़ा वर्ग मोर्चा जिला अध्यक्ष धनेश धनंजय, नगर परिषद अध्यक्ष सुनीता सारस, जिला पंचायत सदस्य हीरा परस्ते, कुंवारिया मरावी, मंडल मंत्री, दीपिका भारद्वाज, नीलू जैन, भागीरथ उरैती, क्रांति धुर्वे, कान्हा शर्मा, मिथिलेश मिश्रा, नेहा मिश्रा, सरोज तिवारी, तारा भवेदी, विनीता ठाकुर, सुमन बनवासी, श्याम बाई, पार्वती वनवासी, शुक्ररति बाई, ममता विश्वकर्मा, क्षमा बनवासी, गोमती सरैया, रविंद्र कुमारी, लक्ष्मी बाई धुर्वे, मीणा रामप्यारी, गुड़िया बाई, सुनीता धुर्वे, रामप्यारी धुर्वे, हेमलता परस्ते, श्यामवती बाई सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने उपस्थित होकर विरोध जताया।
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