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अनूपपुर//अनूपपुर जिले में विचरण कर रहे पांच हाथी चार अलग-अलग भागों में बट कर विचरण करने से हाथी प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों का जीना मुश्किल हो गया है वही खाने के तलाश में हाथियों द्वारा ग्रामीणों के घरों में अचानक पहुंचकर तोड़फोड़ कर संपत्ति का नुकसान पहुंचाते हुए खेत एवं बांडियो में लगे तथा रखें विभिन्न तरह के फसलों को खा कर हंगामा मचा रहे हैं ग्रामीणों द्वारा अपने इलाके से हाथियों को भगाए जाने की कोशिश में हाथी भी ग्रामीणो पर आक्रमण करने की कोशिश करते हैं।
छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा से तीन,एक एवं एक की संख्या में पांच हाथियों का दल अनूपपुर जिले के अनूपपुर एवं जैतहरी इलाके में निरंतर विचरण कर रहे हैं जो दिन के समय जंगल में बताने बाद शाम एवं रात होते ही खाने की तलाश में जंगल से लगे ग्रामीण अंचलों में पहुंचकर नुकसान पहुंचा रहे हैं एक दांत वाला नर हाथी जिला मुख्यालय अनूपपुर से 7 किलोमीटर दूरी स्थित ग्राम पंचायत खांड़ा के खांड़ा बांध के ऊपर स्थित जंगल में निरंतर 16 दिनों से ठहरा हुआ है जो रात होते ही पहाड़ से उतरकर खांडा बांध में नहाने एवं पानी पीने बाद जंगल में बसे मोहन उर्फ ललऊ पिता स्व,शिवमंगल सिंह गोंड के कच्चे मकान को निरंतर 6 दिनों तक अचानक पहुंचकर तोड़फोड़ कर पूरे घर को तहस नहस कर दिया है ग्रामीण मोहन द्वारा अपने कच्चे घर को बचाने के लिए घर के चारों ओर बैर,बबूल एवं अन्य तरह के कटीले पेड़ों एवं दूसरी तरीके के कटीले पेड़ों की डगालियों को घर के चारों तरफ रखा हुआ है जिसे हाथी किनारे कर फिर से घर में तोड़फोड़ करता है पड़ोस में बहोरी सिंह पिता स्व,गोरेलाल सिंह के कच्चे मकान को भी निरंतर तीन बार तोड़ते हुए बांड़ी में लगे कटहल एवं बांस के पेड़ों को तोड़कर देर रात तक खाता है ग्रामीणों द्वारा वन विभाग के गश्ती दल के साथ इस हाथी को इस इलाके से भगाए जाने की कोशिश पर यह हाथी कुछ दूर आगे जाकर अचानक चिघाडते हुए हमला करने की कोशिश पूरी रात में कई बार करता है एक अकेला दंतैल हाथी जो एक सप्ताह पूर्व छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा को पर कर जैतहही तहसील,थाना एवं वन परिक्षेत्र के ग्राम पंचायत कुकुरगोंड़ा,पड़रिया एवं क्योटार के मध्य स्थित जंगल में अपने तीन अन्य हाथी साथियों के साथ दिन में ठहरा हुआ रहा तीन दिनों तक चारों हाथी जंगल के अंदर ही दिन एवं रात में गुंजा,पीपल बर एवं अन्य तरह के जंगल में स्थित पेड़,पौधों को खा कर पेट भर रहे थे शुक्रवार की रात चारों हाथी एक-एक एवं दो की संख्या में अलग-अलग होकर विचरण करते हुए एक हाथी कुकुरगोंड़ा पंचायत के सरईहा टोला में एक घर में तोड़फोड़ कर,एक दांत वाला एक हाथी जंगल से निकल कर ग्राम पंचायत क्योटार के कुसुमहाई गांव से लगे पाड़ाडोंल निवासी देवलाल पिता बाबूलाल बैगा के घर को 11 वीं वार तोड़फोड कर कुसुमहाई के पटौरा निवासी सीताराम राठौर के खेत में लगे गर्मी वाले धान की फसल एवं पटौरा के बगीचाटोला निवासी अंबिका सिंह के खेत में रखें सिंचाई वाले पंप एवं केला के पेड़ों को तोड़कर तहस-नहस कर खाकर फैला कर नुकसान पहुंचाते हुए शनिवार की सुबह फिर से कुकुरगोंड़ा पंचायत से लगे जंगल में पहुंचकर विश्राम कर रहा है वही दो हाथी रात भर जंगल से बाहर नही निकले जो शनिवार की सुबह कुकुरगोंड़ा,वन बीट धनगवां के जंगल में सोननदी एवं संतोकनाला के मध्य जंगल में पहुंचकर विश्राम कर रहे हैं।
जिले में हाथियों के निरंतर विचरण एवं रात के समय अचानक जंगल से लगे ग्रामीण अंचलों में पहुंचकर नुकसान किए जाने से हाथियों से प्रभावित अनेकों ग्रामों के ग्रामीण परेशान एवं भयभीत हैं वहीं वन विभाग का गश्ती दल अलग-अलग टीम के माध्यम से हाथियों के विचरण पर निरंतर निगरानी रखते हुए ग्रामीण जनों को सतर्क एवं सचेत रहने की बात कही है।


