रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में प्रवेश समिति की बैठक सम्पन्न
जबलपुर। नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की प्रवेश प्रक्रिया और सरलता सुनिश्चित करेगी, जिससे पिछले वर्ष के प्रवेश सत्र की सीमाओं और कमियों को दूर किया जा सकेगा। पंजीकरण, परिणाम घोषणा और प्रवेश प्रक्रिया को सरल बनाने का उद्देश्य इसे पूरी तरह पारदर्शी एवं छात्रहितैषी बनाने से है ताकि नामांकन गतिविधियां आपस में जुड़ी हुई और सुचारू रूप से संचालित हों। विश्वविद्यालय के सभी शैक्षणिक विभागों में नामांकन का लक्ष्य स्पष्ट मानदंडों का पालन करते हुए शैक्षणिक विभागों की स्वायत्तता को बढ़ाना भी है, जिसके आधार पर अंतिम निर्णय लिए जाते हैं। ये बातें माननीय कुलगुरु प्रो. राजेश कुमार वर्मा ने शनिवार को विवि आईक्यूएसी सभागार में आयोजित विवि प्रवेश समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहीं।
विश्वविद्यालय प्रवेश समिति की आयोजित बैठक में कुलगुरु की अध्यक्षता में शैक्षणिक सत्र हेतु प्रवेश प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी एवं छात्रहितैषी बनाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। विवि प्रवेश समिति संयोजक प्रो. सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि पूर्व वर्षों की भांति नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की भी समस्त प्रवेश प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से संपादित की जाएगी। अभ्यर्थी एमपी ऑनलाइन एवं ई-प्रवेश पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। इस व्यवस्था से विद्यार्थियों को घर बैठे ही आवेदन की सुविधा प्राप्त होगी तथा समय और संसाधनों की बचत सुनिश्चित होगी। नई व्यवस्था से प्रवेश प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं प्रभावी बनेगी।
तीन चरणों में संपादित होगी प्रवेश प्रक्रिया-
विवि प्रवेश समिति संयोजक प्रो. सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि प्रवेश प्रक्रिया को इस वर्ष तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा। विद्यार्थी विश्वविद्यालय की एमपी पोर्टल पर आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर अपनी पात्रता एवं पसंद के अनुरूप पाठ्यक्रम का चयन कर आवेदन कर सकेंगे। इसके साथ ही अभ्यार्थी ई-प्रवेश पोर्टल पर जाकर भी अपनी प्रवेश सुनिश्चित कर सकते हैं। विवि कुलसचिव डॉ. रविशंकर सोनवाल ने बताया कि विवि की प्रवेश प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने के उद्देश्य से एमपी ऑनलाई रादुविवि पोर्टल को केंद्रीय मंच बनाया जा रहा है। छात्र-छात्राएं इस पोर्टल के माध्यम से विभिन्न परंपरागत और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन कर सकेंगे।
नए प्रोफेशनल कोर्स भी इस प्रक्रिया में शामिल रहेंगे-
बैठक में माननीय कुलगुरु प्रो. वर्मा ने बताया कि प्रवेश के पोर्टल पर सभी नए प्रोफेशनल कोर्स की जानकारी भी उपलब्ध होगी। प्रवेश प्रक्रिया के तहत बीए, बीकाम, बीएससी जैसे स्नातक पाठ्यक्रमों के साथ ही एमए, एमएससी, एमकाम और एमएसडब्ल्यू सहित विभिन्न परास्नातक पाठ्यक्रमों में भी आवेदन लिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय परिसर में संचालित इंटीग्रेटेड प्रोग्राम (यूजी, पीजी), पीजी डिप्लोमा, डिप्लोमा और प्रोफेशनल कोर्स भी इस प्रक्रिया में शामिल रहेंगे। तीन चरणों में आयोजित होने वाली प्रवेष प्रक्रिया में विद्यार्थी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर अपनी पात्रता एवं पसंद के अनुरूप पाठ्यक्रम का चयन कर आवेदन कर सकेंगे।
महत्वपूर्ण तिथियां पोर्टल पर शीघ्र अपलोड होंगी-
विश्वविद्यालय कैंपस में संचालित व्यावसायिक और प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित किए जाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए अलग से विस्तृत कार्यक्रम और परीक्षा तिथियां जल्द जारी की जाएंगी। प्रवेष प्रक्रिया का अंतिम चरण सीएलसी राउंड होगा। प्रवेश प्रक्रिया को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के लिए विश्वविद्यालय ने प्रारंभिक तैयारियां तेज कर दी हैं। पोर्टल पर सीट मैट्रिक्स, पाठ्यक्रमवार पात्रता, आवेदन शुल्क और महत्वपूर्ण तिथियों की जानकारी शीघ्र अपलोड की जाएगी। बैठक में निर्णय लिया गया विवि प्रवेश प्रक्रिया का विस्तृत समय-निर्धारण (शेड्यूल) शीघ्र ही जारी किया जाएगा।
संतुलित और नियंत्रित प्रक्रिया-
विवि प्रवेश समिति की बैठक में डीसीडीसी प्रो. राकेश बाजपेयी ने बताया कि नए सिस्टम में सीट आवंटन को ज्यादा संतुलित और नियंत्रित बनाया जा रहा है। बैठक का संचालन करते हुए विवि प्रवेश समिति संयोजक प्रो. सुरेन्द्र सिंह एवं आभार प्रदर्शन कुलसचिव डॉ. रविशंकर सोनवाल ने किया। इस अवसर पर प्रो. पीके खरे, प्रो. विवेक मिश्र, प्रो. अलका नायक, प्रो. एसएस संधू, प्रो. मृदला दुबे, प्रो. धीरेन्द्र पाठक, प्रो. जे.के मैत्रा, प्रो. आशीष शर्मा, डॉ. लोकेश श्रीवास्तव, डॉ. अश्वनी जायसवाल, डॉ. देवीलता रावत, डॉ. ए.के. गुप्ता, डॉ. विनय तिवारी, डॉ. निधि सक्सेना सहित सभी विभागों के शिक्षक एवं कर्मचारी प्रतिनिधिगण मौजूद रहे।


