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April 28, 2026
सी टाइम्स
व्यापार

भारत-न्यूजीलैंड एफटीए मील का पत्थर; किसानों, पेशेवरों और छोटे व्यापारियों के लिए पैदा होंगे नए अवसर: पीयूष गोयल



आगरा, 26 अप्रैल । केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को कहा कि भारत-न्यूजीलैंड एफटीए मील का पत्थर है और इससे किसानों, महिलाओं, कलाकारों, छोटे व्यापारियों और पेशेवरों के लिए नए अवसर पैदा होंगे।

गोयल की ओर से यह बयान ऐसे समय पर दिया गया है, जब सोमवार को भारत और न्यूजीलैंड फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) पर हस्ताक्षर करेंगे।

न्यूजीलैंड के व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्ले के साथ आगरा में निर्यातकों के साथ हुई एक बैठक में गोयल ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना के अनुरूप, यह समझौता हमारे दोनों देशों के बीच एक गहन, अधिक स्थायी और जन-केंद्रित साझेदारी के दरवाजे खोलता है।”

वहीं, मैक्ले ने कहा कि भारत न्यूजीलैंड के लिए एक रणनीतिक प्राथमिकता है और उन्होंने व्यवसायों से भारत में संयुक्त उद्यमों और निवेश को सक्रिय रूप से आगे बढ़ाने का आग्रह किया।

इस बैठक में चमड़ा और जूता, दवाइयों, मेडिकल डिवाइस, इंजीनियरिंग और स्पोर्ट्स गुड्स सेक्टर से जुड़े कारोबारियों ने हिस्सा लिया।

एफटीए के तहत न्यूजीलैंड को होने वाले भारत के सभी निर्यातों पर शुल्क हट जाएगा और न्यूजीलैंड से आयात होने वाले भारत के 95 प्रतिशत उत्पादों पर शुल्क या तो काफी कम हो जाएगा या पूरी तरह से समाप्त हो जाएगा।

इस समझौते से भारत को सभी टैरिफ मदों पर तुरंत शुल्क-मुक्त पहुंच प्राप्त होगी। यह न्यूजीलैंड द्वारा वर्तमान में भारत से निर्यात किए जाने वाले लगभग 450 टैरिफ मदों पर लगाए जाने वाले 10 प्रतिशत शुल्क से कम है, जिनमें वस्त्र और परिधान उत्पाद, चमड़ा और टोपी, चीनी मिट्टी के बर्तन, कालीन और वाहन एवं वाहन पुर्जे शामिल हैं।

भारत कई वस्तुओं को एफटीए से बाहर रखने में भी सफल रहा है, जिनमें दूध, क्रीम, मट्ठा, दही और पनीर जैसे सभी डेयरी उत्पाद, साथ ही कृषि उत्पाद शामिल हैं।

इस मुक्त व्यापार समझौते में एक प्रावधान यह भी है कि न्यूजीलैंड अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब डॉलर का निवेश करेगा। यह यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईयू) द्वारा भारत के साथ किए गए मुक्त व्यापार समझौते में किए गए 100 अरब डॉलर के निवेश की ‘प्रतिबद्धता’ के समान है।

इसके अलावा, इस मुक्त व्यापार समझौते में कामकाजी पेशेवरों और छात्रों की आवाजाही से संबंधित कई प्रावधान भी शामिल हैं। न्यूजीलैंड ने किसी भी देश के साथ पहली बार छात्र आवाजाही और पढ़ाई के बाद वर्क वीजा पर एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं।

साथ ही, समझौते में कुशल भारतीयों के लिए तीन साल तक के प्रवास के लिए 5,000 वीजा का कोटा शामिल है, जो भारत के लिए रुचि के क्षेत्रों में काम कर सकते हैं। इन क्षेत्रों में आयुष प्रैक्टिशनर, योग प्रशिक्षक, शेफ और संगीत शिक्षक शामिल हैं, साथ ही आईटी, इंजीनियरिंग, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और निर्माण जैसे अन्य प्रमुख क्षेत्र भी शामिल हैं।

समझौते में शामिल वर्किंग हॉलिडे वीजा कार्यक्रम के तहत, प्रतिवर्ष 1,000 युवा भारतीय 12 महीने की अवधि के लिए न्यूजीलैंड में कई बार प्रवेश कर सकते हैं।

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