बालाघाट। भगवान परशुराम को लेकर भीम आर्मी नेता दामोदर यादव द्वारा दिए गए विवादित बयान पर जिले में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इस मामले में जिला सर्व ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष राजेश पाठक ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बयान को घोर निंदनीय बताया है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आपत्तिजनक और असंवेदनशील वक्तव्य न केवल ब्राह्मण समाज की आस्था को ठेस पहुंचाते हैं, बल्कि सामाजिक सौहार्द और शांति व्यवस्था के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न करते हैं।
राजेश पाठक ने कहा कि भगवान परशुराम हिंदू धर्म में अत्यंत पूजनीय माने जाते हैं और उनके प्रति अपमानजनक भाषा का प्रयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि दामोदर यादव ने अपनी राजनीतिक पहचान बनाने और सुर्खियों में आने के उद्देश्य से इस प्रकार का गैर-जिम्मेदाराना बयान दिया है, जो समाज को बांटने का कार्य करता है। ऐसे बयानों से समाज में वैमनस्य फैलता है और विभिन्न वर्गों के बीच अनावश्यक तनाव उत्पन्न होता है।
उन्होंने आगे कहा कि किसी भी व्यक्ति को अपने विचार रखने की स्वतंत्रता है, लेकिन यह स्वतंत्रता दूसरों की आस्था और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की अनुमति नहीं देती। इस तरह के बयान लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक मर्यादाओं के विरुद्ध हैं। ब्राह्मण समाज इस बयान से गहराई से आहत है और इसकी व्यापक स्तर पर निंदा कर रहा है।
राजेश पाठक ने मध्यप्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस तरह के मामलों पर कठोर कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में अन्य लोग भी इस प्रकार के विवादित और भड़काऊ बयान देने का साहस करेंगे, जिससे प्रदेश की शांति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
उन्होंने प्रशासन से भी अपील की कि ऐसे मामलों में तत्परता दिखाते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। साथ ही उन्होंने सभी समाजों से संयम बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचने की अपील की है, ताकि आपसी भाईचारा और सामाजिक समरसता बनी रहे।
अंत में राजेश पाठक ने कहा कि समाज के सभी वर्गों को एक-दूसरे की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करना चाहिए और इस प्रकार की बयानबाजी से दूर रहना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि शासन-प्रशासन इस मामले में उचित कार्रवाई करेगा और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होगी।यदि यादव के खिलाफ कार्यवाही नही की गई तो ब्राह्मण समाज सड़को पर आकर आंदोलन करने बाध्य होगा।


