May 5, 2026
सी टाइम्स
हेल्थ एंड साइंस

पाकिस्तान : खैबर पख्तूनख्वा में पोलियो के दो नए मामले, 2026 में अब तक तीन केस सामने आए



इस्लामाबाद, 1 मई । पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा (केपी) प्रांत से पोलियो के दो नए मामले सामने आए हैं। इससे इस साल की शुरुआत से अब तक देश में कुल मामलों की संख्या तीन हो गई है। यह जानकारी स्थानीय मीडिया ने शुक्रवार को दी।



पाकिस्तान पोलियो उन्मूलन कार्यक्रम के एक अधिकारी ने नाम नहीं बताने की शर्त पर प्रमुख दैनिक ‘डॉन’ को बताया कि बान्नू और नॉर्थ वजीरिस्तान में एक-एक मामला सामने आया है। इन मामलों की पुष्टि नेशनल इमरजेंसी ऑपरेशन्स सेंटर (एनईओसी) ने की है।

अधिकारी ने बताया, “ये दोनों मामले पोलियो वायरस सर्विलांस नेटवर्क के जरिए सामने आए और इन्हें नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (एनआईएस) की डब्‍ल्‍यूएचओ-मान्यता प्राप्त लैब ने कन्फर्म किया है।”

इससे पहले इस साल का पहला मामला सिंध प्रांत के सुजावल जिले में सामने आया था। अब कुल मामलों की संख्या तीन हो गई है।

दुनिया में अब सिर्फ पाकिस्तान और अफगानिस्तान ही ऐसे देश हैं, जहां अभी भी पोलियो के मामले मिलते हैं।

‘डॉन’ के अनुसार, पिछले महीने यह भी खबर आई थी कि खैबर पख्तूनख्वा के हंगू और बान्नू समेत बलूचिस्तान के कुछ इलाकों में पोलियो टीमों पर हमले हुए। इन हमलों में पुलिस एस्कॉर्ट्स की मौत हुई और कुछ पोलियो वर्कर्स का अपहरण भी किया गया।

ये हमले उस समय हुए जब देशभर में बच्चों को पोलियो की खुराक देने के लिए टीकाकरण अभियान चल रहा था।

मार्च में बताया गया था कि करीब 2,33,000 बच्चे पोलियो ड्रॉप्स से वंचित रह गए। इसकी वजह सुरक्षा समस्याएं, कुछ इलाकों में लोगों का विरोध और बर्फ से ढके इलाके थे। इनमें से करीब 1,84,000 बच्चे खैबर पख्तूनख्वा से थे, जबकि लगभग 50,000 बच्चे पाकिस्तान के कब्‍जे वाले जम्मू-कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान में टीकाकरण नहीं पा सके।

माता-पिता की ओर से वैक्सीन से इनकार करना भी एक बड़ी समस्या बनी हुई है। सिर्फ कराची में ही करीब 31,000 मामलों में लोगों ने वैक्सीन लेने से मना कर दिया, जो पूरे देश के कुल इनकार मामलों का लगभग 58 प्रत‍िशत है।

इससे यह सवाल उठ रहे हैं कि गलत जानकारी, कमजोर योजना, खराब स्थानीय प्रशासन और राजनीतिक ध्यान की कमी जैसे मुद्दे कितने जिम्मेदार हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्‍ल्‍यूएचओ) ने 2014 से पाकिस्तान पर पोलियो से जुड़े यात्रा प्रतिबंध लगाए हुए हैं। इसके तहत अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले लोगों के पास पोलियो वैक्सीन का सर्टिफिकेट होना जरूरी है।

अन्य ख़बरें

घुटनों में दर्द, अकड़न और कमजोरी को दूर करने में कारगर ‘नी मूवमेंट’, आयुष मंत्रालय ने बताए फायदे

Newsdesk

बायोकॉन की संस्थापक किरण मजूमदार-शॉ ने भतीजी क्लेयर को उत्तराधिकारी नामित किया: रिपोर्ट

Newsdesk

आईपीएल 2026: वानखेड़े में रोहित-रिकल्टन का तूफान, एमआई ने एलएसजी को 6 विकेट से हराया

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading