कोलकाता, 2 मई कोलकाता में चुनावी माहौल के बीच तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की वरिष्ठ नेता और श्यामपुकुर विधानसभा सीट से उम्मीदवार शशि पांजा ने नेताजी इंडोर स्टेडियम स्थित स्ट्रॉन्ग रूम का दौरा किया और कई गंभीर सवाल उठाए।
टीएमसी की वरिष्ठ नेता और श्यामपुकुर विधानसभा सीट से उम्मीदवार शशि पांजा ने आईएएनएस से बात करते हुए स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षा व्यवस्था और प्रक्रियाओं को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि हाल ही में कई असामान्य घटनाएं सामने आई हैं। दक्षिण 24 परगना जिले में दोबारा मतदान के दौरान बड़े पैमाने पर अधिकारियों के तबादले किए गए हैं, जिनमें आईपीएस अधिकारी भी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा, माइक्रो-ऑब्जर्वरों की भारी तैनाती की गई है, जो आमतौर पर चुनावों में इस स्तर पर देखने को नहीं मिलती। ऐसे कई कदम पहली बार पश्चिम बंगाल में देखने को मिल रहे हैं।
स्ट्रॉन्ग रूम को लेकर उठे विवाद पर उन्होंने कहा कि दो दिन पहले जब स्ट्रॉन्ग रूम का दरवाजा खोला गया, तो अंदर कुछ अज्ञात लोग मौजूद पाए गए। उन्होंने सवाल उठाया कि ये लोग कौन थे, क्योंकि किसी भी राजनीतिक दल को उनकी जानकारी नहीं थी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि वहां गुलाबी रंग के लिफाफे मौजूद थे, जिनका उपयोग आमतौर पर पोस्टल बैलेट के लिए किया जाता है।
शशि पांजा ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि बाहर तैनात सुरक्षाकर्मियों को नियमों की पूरी जानकारी नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें स्ट्रॉन्ग रूम में प्रवेश से रोका गया और कहा गया कि जब तक अंदर मौजूद लोग बाहर नहीं आते, उन्हें अंदर नहीं जाने दिया जाएगा। बाद में पुलिस के हस्तक्षेप के बाद ही उन्हें नियमों के अनुसार प्रवेश की अनुमति दी गई।
उन्होंने यह भी दावा किया कि उत्तरी कोलकाता की सात विधानसभा सीटों से जुड़े पोस्टल बैलेट बॉक्स सुबह चार बजे स्ट्रॉन्ग रूम में लाए गए, लेकिन उस समय किसी भी राजनीतिक दल का प्रतिनिधि मौजूद नहीं था। इसके अलावा, इन बैलेट बॉक्स को ऐसे कमरे में रखा गया है जहां सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं।
वहीं, चुनाव से जुड़े एक अन्य मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए शशि पांजा ने कहा कि अदालत के निर्णय का सम्मान किया जाएगा। चुनाव आयोग से जुड़े मामलों पर जो भी फैसला होगा, उसे लागू किया जाएगा और पार्टी इस पर करीबी नजर बनाए हुए है।


