जबलपुर। पटवारियों ने प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में कलेक्टर कार्यालय परिसर में धरना देकर अपना विरोध दर्ज कराया। पटवारियों का कहना है कि उनके विरुद्ध की जा रही कार्रवाई पूरी तरह अनुचित और असंगत है। उनका आरोप है कि डायवर्सन से जुड़े मामलों में मुख्य भूमिका तहसीलदार की होती है, जो मांग पत्र जारी करते हैं, जबकि वसूली के लिए राजस्व निरीक्षक जिम्मेदार होते हैं, लेकिन इसके बावजूद पटवारियों को ही निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामों के लिए मनमाने ढंग से लक्ष्य निर्धारित किए जा रहे हैं और लक्ष्य पूरे न होने पर उनके खिलाफ एकपक्षीय कार्रवाई की जा रही है। पटवारियों के अनुसार अन्य संबंधित अधिकारियों को बचाते हुए केवल उन्हें ही जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। स्थिति यह है कि विधिवत स्वीकृत अवकाश के बाद भी उनकी सैलरी रोक दी जाती है, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण और प्रशासनिक नियमों के खिलाफ है।
पटवारियों ने बताया कि वर्तमान में उन पर सीमांकन कार्य, लघु सिंचाई संगणना, फार्मर आईडी और जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्यों का अत्यधिक दबाव है, जिससे उनकी स्थिति और कठिन हो गई है। इसी के विरोध में उन्होंने सामूहिक रूप से प्रदर्शन किया।
पटवारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर यह कार्रवाई वापस नहीं ली गई तो वे सामूहिक अवकाश पर जाने को मजबूर होंगे। इस दौरान जिला अध्यक्ष जागेन्द्र पीपरी, उपेन्द्र बाघेल और मुक्ता चौकसे सहित कई पटवारी उपस्थित रहे।


