आंधी-तूफान के बाद बवाल, सब स्टेशन में घुसकर कर्मचारियों को बेरहमी से पीटा
जबलपुर। शहर में शनिवार 2 मई की शाम एक बेहद गंभीर और चिंताजनक घटना सामने आई, जिसने बिजली व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। माढ़ोताल थाना क्षेत्र में आंधी-तूफान के बाद बिजली सुधार कार्य के दौरान कर्मचारियों पर हमला कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार, तेज आंधी और तूफान के चलते कटंगी और पाटन बायपास क्षेत्र की बिजली व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई थी। लाइन सुधार और तकनीकी कार्यों को सुरक्षित तरीके से पूरा करने के लिए विभाग द्वारा अस्थायी रूप से बिजली सप्लाई बंद की गई थी। इसी दौरान कठौंदा बिजली सब स्टेशन में ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों पर अचानक हमला हो गया।
बताया जा रहा है कि चार अज्ञात युवक सब स्टेशन के अंदर घुस आए और वहां मौजूद कर्मचारी दीपक सोनी को निशाना बनाते हुए उन पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। मारपीट इतनी बेरहमी से की गई कि उनका हाथ तक टूट गया और शरीर पर गंभीर चोटों के निशान आ गए।
स्थिति यहीं नहीं थमी। कुछ ही देर में लगभग 50 लोगों की भीड़ वहां इकट्ठा हो गई और उपद्रव का रूप ले लिया। भीड़ ने न सिर्फ कठौंदा सब स्टेशन बल्कि उखरी बिजली कार्यालय सहित अन्य स्थानों पर भी कर्मचारियों को निशाना बनाया। इस हमले में दो अन्य कर्मचारी भी घायल हुए हैं, जिनका इलाज जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। मामले में वीरेंद्र पवार (थाना प्रभारी, माढ़ोताल) द्वारा तत्परता दिखाते हुए अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब हमलावरों की पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।
यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है। बिजली कर्मचारी विपरीत परिस्थितियों—बारिश, आंधी, तूफान—में भी आम जनता को सुविधा देने के लिए जोखिम उठाते हैं। ऐसे में उनके साथ हिंसा होना न केवल अमानवीय है, बल्कि पूरे सिस्टम को प्रभावित करने वाला है।


