May 23, 2026
सी टाइम्स
हेल्थ एंड साइंस

गर्मी में डिहाइड्रेशन सबसे बड़ी समस्या, बचाव जरूरी’, एम्स के डॉक्टर ने दी चेतावनी



नई दिल्ली, 21 मई  देश के कई हिस्सों में बढ़ती गर्मी और लू का प्रकोप लोगों की सेहत के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. नीरज निश्चल ने गर्मी से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं और उनके बचाव पर विस्तार से जानकारी दी।

डॉ. नीरज निश्चल ने आईएएनएस से बात करते हुए बताया कि गर्मी बढ़ने पर सबसे पहले डिहाइड्रेशन की समस्या होती है। यह सबसे हल्की स्थिति है, जिसमें शरीर में पानी और नमक की कमी हो जाती है। अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो यह लू लगना यानी हीट स्ट्रोक में बदल सकता है, जिसमें व्यक्ति बेहोश भी हो सकता है।

उन्होंने बचाव के लिए कई जरूरी सावधानियां बताईं। डॉक्टर के अनुसार, दोपहर 11 बजे से शाम 4-5 बजे तक जब तापमान सबसे ज्यादा होता है, बाहर निकलने से पूरी तरह बचना चाहिए। अगर बाहर जाना अत्यावश्यक हो तो पूरे आस्तीन के ढीले कपड़े, फुल पैंट पहनें और सिर को टोपी, गमछे या पगड़ी से ढककर रखें। छाता इस्तेमाल करना या घर के अंदर रहना सबसे अच्छा विकल्प है।

उन्होंने कहा कि घर से बाहर निकलने से पहले 1-2 लीटर पानी अवश्य पी लें। साथ ही दिनभर में इलेक्ट्रोलाइट्स या ओआरएस का सेवन करते रहें। सिर्फ सादा पानी पीना पर्याप्त नहीं है, क्योंकि पसीने के साथ शरीर से नमक भी निकलता है। इसी कारण, ओआरएस सॉल्यूशन या इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक्स शरीर का संतुलन बनाए रखने में बेहद फायदेमंद हैं।

डॉ. नीरज निश्चल के अनुसार, सांस्कृतिक रूप से स्वीकार्य पेय पदार्थ जैसे बेल का शरबत, शिकंजी, दाल का पानी आदि भी गर्मी में बेहतर विकल्प हैं। ये न सिर्फ हाइड्रेशन बनाए रखते हैं बल्कि पेट को भी ठंडक प्रदान करते हैं। वर्तमान में अस्पतालों में आने वाले मरीजों में डिहाइड्रेशन, कमजोरी, चक्कर आना, सिरदर्द, अत्यधिक पसीना, उल्टी और ब्लड प्रेशर गिरने जैसी शिकायतें आम हैं।

उन्होंने कहा कि गंभीर मामलों में हीट स्ट्रोक देखा जा रहा है, जिसमें शरीर का तापमान बहुत बढ़ जाता है, तेज बुखार, बेहोशी, भ्रम और कभी-कभी दौरे तक पड़ सकते हैं। सबसे ज्यादा खतरा बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और पहले से डायबिटीज, हृदय रोग या अन्य बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों को होता है। गर्मी के मौसम में हल्का और पौष्टिक भोजन लें, ज्यादा से ज्यादा छाया में रहें और शरीर के संकेतों पर तुरंत ध्यान दें। समय पर सावधानी बरतने से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है।

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