मैक्सिको सिटी, 22 मई । मैक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबॉम ने कहा है कि उनकी सरकार अमेरिका के नए आदेश का असर का विश्लेषण कर रही है। यह आदेश उन प्रवासियों पर लागू हो सकता है जो बिना कानूनी दस्तावेजों के अमेरिका में रह रहे हैं। इसके तहत ऐसे लोगों के लिए अमेरिकी बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं तक पहुंच मुश्किल हो सकती है। न्यूज एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति शीनबॉम से उनकी रोजाना प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूछा गया कि क्या इस फैसले का असर अमेरिका से मैक्सिको भेजे जाने वाले पैसों पर पड़ेगा। ये वही पैसे हैं, जिन्हें वहां काम कर रहे मैक्सिकन नागरिक अपने परिवारों को भेजते हैं। उन्होंने बताया कि मैक्सिको का वित्त मंत्रालय और अमेरिका में नए मैक्सिकन राजदूत रॉबर्टो लाजेरी मिलकर इस मामले का अध्ययन कर रहे हैं। फिलहाल उनकी शुरुआती राय है कि इससे कोई बड़ा खतरा नजर नहीं आ रहा। अमेरिका का यह एग्जीक्यूटिव ऑर्डर सीमा-पार होने वाले पैसों के लेन-देन और बैंक खाते खोलने या अन्य बैंकिंग सेवाओं के लिए इस्तेमाल होने वाली पहचान-पत्रों की निगरानी को और सख्त बनाता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस नए कदम से अब बैंक और वित्तीय रिकॉर्ड भी इमिग्रेशन जांच के दायरे में आ सकते हैं। इससे कई प्रवासियों की गतिविधियों पर ज्यादा नजर रखी जा सकती है। व्हाइट हाउस के अनुसार, ट्रंप ने 19 मई को एक आदेश पर हस्ताक्षर किए थे।


