जबलपुर। शहर में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी अब बच्चों और युवाओं के स्वास्थ्य पर भी भारी पड़ने लगी है। डुमना मार्ग स्थित ट्रिपल आईटीडीएम परिसर में आयोजित एनसीसी कैंप के दौरान गुरुवार को अचानक कई कैडेट्स की तबीयत बिगड़ गई। उल्टी, चक्कर, तेज बुखार और सिरदर्द की शिकायत सामने आने के बाद कैंप में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थिति को देखते हुए 31 कैडेट्स को तत्काल एम्बुलेंस और अन्य वाहनों की मदद से विक्टोरिया जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
जानकारी के अनुसार एनसीसी कैंप में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं प्रशिक्षण ले रहे हैं। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के बीच गतिविधियां चल रही थीं, तभी कुछ कैडेट्स ने कमजोरी और घबराहट की शिकायत की। देखते ही देखते कई अन्य बच्चों की तबीयत भी बिगड़ने लगी। कैंप में मौजूद अधिकारियों ने तत्काल स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन को सूचना दी।
घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। कलेक्टर ने तत्काल मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से संपर्क कर सभी बच्चों के बेहतर उपचार के निर्देश दिए। अस्पताल प्रशासन को भी अलर्ट मोड पर रखा गया ताकि किसी प्रकार की लापरवाही न हो।
सीएमएचओ ने बताया कि अस्पताल लाए गए सभी कैडेट्स की हालत फिलहाल स्थिर है और अधिकांश बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद राहत मिल गई है। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में तेज गर्मी और लू लगना बच्चों की तबीयत बिगड़ने की मुख्य वजह प्रतीत हो रही है। एहतियात के तौर पर सभी को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।
कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम रांझी मोनिका बाघमारे भी जिला अस्पताल पहुंचीं और भर्ती कैडेट्स के स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। प्रशासन की ओर से बच्चों के परिजनों को भी स्थिति की जानकारी दी गई।
इधर, भीषण गर्मी को देखते हुए प्रशासन द्वारा लोगों को दोपहर के समय धूप में बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। मौसम विभाग पहले ही आगामी दिनों में तापमान और बढ़ने की चेतावनी जारी कर चुका है। ऐसे में खुले मैदानों और प्रशिक्षण शिविरों में विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
घटना के बाद एनसीसी कैंप में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज गर्मी के दौरान बच्चों के लिए पर्याप्त पेयजल, छायादार स्थान और मेडिकल सुविधा उपलब्ध रहना बेहद जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।


