सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से गूंजा भंवरताल का संस्कृति थियेटर
जल संरक्षण और संवर्धन के महत्व को अतिथियों ने उपस्थित जनों से किया साझा और इन्हें सहेजने की अपील
जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत शहरी क्षेत्र के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों के जलस्त्रोतों का भी तेजी से कराया जा रहा है जीर्णोद्धार*
जबलपुर। मध्य प्रदेश शासन के निर्देशानुसार जिले में चलाए जा रहे जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत आज गंगा दशहरा के पावन पर्व पर नगर निगम एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में भारी उत्साह देखा गया, जिसमें शाम को भंवरताल स्थित संस्कृति थिएटर में भव्य और गरिमामय सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में उपस्थित नगर निगम के अध्यक्ष रिकुंज विज, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आशा मुकेश गोटिया, जिला पंचायत सदस्य राजेश ठाकुर, निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार, जिला पंचायत सी.ई.ओ. अभिषेक गहलोत, अपर आयुक्त अरविंद शाह, व्ही.एन. बाजपेई और मनोज श्रीवास्तव, एस.डी.ओ. फॉरेस्ट सहित बड़ी संख्या में स्थानीय गणमान्य नागरिक और प्रबुद्ध जन उपस्थित रहे।
*गौर और हिरन नदी को पुनर्जीवित करने के अलावा अन्य ताल तलईयों का भी हो रहा है जीर्णोद्धार*
मंच से संबोधित करते हुए नगर निगम अध्यक्ष रिंकू विज और जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आशा मुकेश गोटिया ने उपस्थित जनसमुदाय से जल संवर्धन को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का भावुक आग्रह किया। निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार और सी.ई.ओ. अभिषेक गहलोत ने नगर निगम और जिला प्रशासन द्वारा जल संरक्षण के लिए किए जा रहे ऐतिहासिक कार्यों का खाका प्रस्तुत किया। उन्होंने विशेष रूप से गौर मईया और हिरन मईया जैसी जीवनदायिनी नदियों को पुनर्जीवित करने के लिए लगातार और गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं। पारंपरिक जल स्रोतों, जैसे ऐतिहासिक तालाबों और बावलियों, को संरक्षित और स्वच्छ करने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है। इन सभी प्रयासों की जानकारी देते हुए अतिथियों ने इसकी सफलता के लिए जनभागीदारी को सबसे मजबूत स्तंभ बताया गया।
*सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन, दिया बड़ा संदेश*
कदम संस्था और स्वच्छता आई.ई.सी. टीम के कलाकारों द्वारा अत्यंत सराहनीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी गईं। नुक्कड़ नाटक, गीतों और नृत्य के माध्यम से कलाकारों ने पानी की एक-एक बूंद की कीमत को दर्शाया, जिसे देखकर उपस्थित दर्शक भावविभोर हो गए। इन प्रस्तुतियों ने मनोरंजन के साथ-साथ उपस्थित जनों के दिलों में जल संरक्षण के प्रति एक गहरी जिम्मेदारी का अहसास कराया। पानी सिर्फ एक संसाधन नहीं, बल्कि संस्कृति और जीवन का आधार है। इस अवसर पर शिक्षा विभाग के प्राचार्य डाॅं. शैलेन्द्र पाण्डेय, श्रीमती दीप्ति शर्मा, श्रीमती कीर्ति परोहा, श्रीमती प्रियंका सोनी, कदम संस्था के कृष्णकांत दीक्षित, गुरूकांत दीक्षित, प्रियांश दीवान आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्राचार्य डाॅं. शैलेन्द्र पाण्डेय ने किया।


