जबलपुर। शहरी पर्यावरण को सुरक्षित करने और शहरों में हरियाली का दायरा हरित आवरण बढ़ाने के उद्देश्य से अमृत हरित महाभियान-2026 के तहत एक दिवसीय संभागीय क्षमता वर्धन कार्यशाला का गरिमामय आयोजन कल्चुरी होटल में किया गया। इस कार्यशाला में पौधों के रोपण के साथ-साथ उनके नियमित संरक्षण, सिंचाई, खाद प्रबंधन और सुरक्षा के वैज्ञानिक व तकनीकी उपायों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया, साथ ही, पर्यावरण संरक्षण को एक जन-आंदोलन बनाने के लिए जनसहभागिता और नागरिकों के व्यवहार परिवर्तन पर गहराई से चर्चा हुई।
*प्रशिक्षण और जन-जागरूकता से सफल होगा अभियान*
कार्यशाला का शुभारंभ के अवसर पर अध्यक्ष नगर पालिक चाॅंद छिंदवाड़ा के ठाकुर दान सिंह पटैल, नगर निगम जबलपुर के अपर आयुक्त अरविन्द शाह द्वारा किया गया। अपर आयुक्त अरविन्द शाह ने कार्यशाला के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि केवल पौधे लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका जीवित रहना और वृक्ष बनना आवश्यक है। इस अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के प्रति आम जनमानस में जागरूकता लाना मुख्य ध्येय है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संयुक्त संचालक परमेश जलोटे ने संभाग के सभी जिलों से आए नगरीय निकायों के प्रतिनिधियों, हरित टीम, मुख्य नगर पालिका अधिकारियों, नोडल अधिकारियों और उद्यान विशेषज्ञों को संबोधित किया। उन्होंने अमृत मित्र की अवधारणा को सफल बनाने और इस महाभियान को धरातल पर मजबूती से लागू करने के लिए सभी को प्रेरित किया।
प्राचार्य डॉ. शैलेन्द्र पाण्डेय के कुशल संचालन में यह संपूर्ण कार्यशाला 6 महत्वपूर्ण सत्रों में विभाजित रही। कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा पीपीटी के माध्यम से बेहद उपयोगी और व्यावहारिक तकनीकी सलाह साझा की गई। इस अवसर पर नगर पालिक चाॅंद एवं नगर निगम जबलपुर से श्रीमती दीप्ति भनारिया, अमन तिवारी आदि उपस्थित रहे। बालाघाट उद्यानिकी विभाग की श्रीमती प्रभात रहंगडाले ने कम जगह में घने जंगल तैयार करने की जापानी मियावाकी पद्धति की बारीकियों और इसकी उपयोगिता को समझाया। नगरीय प्रशासन के अभिषेक शिवहरे, अमित श्रीवास्तव एवं अशोक मिश्रा, वन विभाग के सलाहकार निखिल वर्मा और कदम संस्था के कृष्णकांत दीक्षित ने पौधों के रखरखाव की आधुनिक तकनीकों से अवगत कराया। आई.ई.सी. एक्सपर्ट विवेक शर्मा ने जन-जागरूकता व व्यवहार परिवर्तन और जल संरचना रिफार्म एक्सपर्ट नीरज सोलंकी ने जल स्रोतों के संरक्षण और उनके संवर्धन पर अपनी महत्वपूर्ण प्रस्तुतियाँ दीं।
*संभाग भर से जुटे पर्यावरण प्रहरी*
इस कार्यशाला में जबलपुर संभाग के विभिन्न जिलों से आए नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारी, उद्यान विभाग के माली प्रतिनिधि, पी.डी.सी. के आर.ई., और सोशल एक्सपर्ट्स शामिल हुए। कार्यशाला के माध्यम से मिले प्रशिक्षण के बाद अब यह टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर अमृत हरित महाभियान को और अधिक प्रभावी व वैज्ञानिक तरीके से क्रियान्वित करेंगी, जिससे आने वाले समय में शहरी पर्यावरण को एक नई संजीवनी मिलेगी।


