बालाघाट/इतिहास एवं पुरातत्व शोध संस्थान संग्रहालय के संग्रहाध्यक्ष डाॅ.वीरेन्द्र सिंह गहरवार ने बालाघाट विधायक श्रीमती अनुभा मुंजारे से सौजन्य भेंट कर ज्ञापन में अपनी बात कहीं हम पुरातत्व क्षेत्र में 46 वर्षों से कार्य कर रहे है। इतिहास एवं पुरातत्व शोध संस्थान संग्रहालय बालाघाट (मध्यप्रदेश) का विश्व का प्रथम संग्रहालय है, जहाँ नैरोगेज डीजल इंजन-बोगी-गार्ड डिब्बा स्थापित है, साथ ही पुरातात्विक महत्व के अवशेषों, दुर्लभ छायांकनों को संरक्षित कर रखा है। इसके अतिरिक्त प्रति वर्ष राष्ट्रीय साहित्य एवं पुरातत्व महाभव्य अनुष्ठान आयोजित होता है। जहाँ शोधार्थी, महाविद्यालयीन छात्र, छात्राऐं परियोजना कार्य पूर्ण करते है। लेकिन बालाघाट जिले के किसी भी महाविद्यालय में एम.ए.प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व की कक्षाऐं न होने के परिप्रेक्ष्य में छात्र,छात्राऐं अन्यत्र विषयों में एम.ए. करते है या बालाघाट शहर से अन्यन्त्र महाविद्यालय-विश्व विद्यालय में अध्ययन करने जाना पड़ता है। जहाँ उनका आर्थिक और अमूल्य समय नष्ट होता है। ज्ञात हो कि वर्तमान परिदृश्य में प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व का अत्यधिक महत्व है और इन्हीं विषय से संबंधित ज्ञानवर्धक जानकारियां पूछे जाते है। तदसंबंध में हमारे द्वारा 46 वर्षों से निरन्तर एम.ए.प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व की कक्षाऐं प्रारम्भ करवाने पत्राचार किया जा चुका है, किन्तु प्रारम्भ नहीं किया गया है। बालाघाट जिले के महाविद्यालयों में आगामी सत्र से एम.ए.प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व की कक्षाऐं प्रारम्भ करवाने हेतु माननीय इंदर सिंह परमार जी,उच्च शिक्षा मंत्री,मध्यप्रदेश शासन, भोपाल को अनुशंसित पत्र सम्प्रेषित करने की कृपा करें। साथ ही बालाघाट जिलें के अन्यन्त्र स्थानों में यत्र-तत्र खंडित भग्नावशेषों में पुरातात्विक महत्व छिपा हुआ है, उन्हें संरक्षित करवाने की कार्यवाही कीजिए। विधायक श्रीमती अनुभा मुंजारे ने ज्ञापन का गंभीरता पूर्वक अध्ययन कर संग्रहाध्यक्ष डाॅ.वीरेन्द्र सिंह गहरवार को आश्वस्त किया है।


