जबलपुर। एम्पायर तिराहा से पेंटीनाका तक प्रस्तावित फ्लाईओवर निर्माण परियोजना के लिए मंगलवार को संयुक्त अधिकारियों की टीम ने स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण में मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कार्पोरेशन (एमपीआरडीसी), कैंटोनमेंट बोर्ड जबलपुर के इंजीनियरिंग विभाग तथा रक्षा संपदा विभाग के अधिकारी शामिल रहे।
संयुक्त टीम ने प्रस्तावित निर्माण स्थल का बारीकी से अवलोकन किया तथा निर्माण कार्य के दौरान यातायात को सुचारू बनाए रखने सहित विभिन्न तकनीकी एवं प्रशासनिक पहलुओं पर चर्चा की। हालांकि सैन्य अधिकारियों के निर्धारित समय पर उपस्थित नहीं हो पाने के कारण आगामी दिनों में पुनः संयुक्त निरीक्षण किए जाने की संभावना है।
फ्लाईओवर की लंबाई बढ़ाने का निर्णय
पूर्व में यह फ्लाईओवर एम्पायर तिराहे से वायएमसीए चौक तक प्रस्तावित था, लेकिन राज्य शासन ने इसकी लंबाई बढ़ाकर गोराबाजार तक करने का निर्णय लिया है। प्रस्तावित मार्ग का एक हिस्सा रक्षा भूमि से संबंधित होने के कारण निर्माण के लिए रक्षा मंत्रालय की सहमति आवश्यक है। इसी प्रक्रिया के तहत एमपीआरडीसी द्वारा संशोधित प्रस्ताव रक्षा मंत्रालय को भेजा गया था, जिसके बाद संयुक्त निरीक्षण निर्धारित किया गया।
लागत बढ़कर पहुंची 70 करोड़ रुपये
फ्लाईओवर की प्रारंभिक अनुमानित लागत लगभग 44 करोड़ रुपये थी, लेकिन परियोजना की लंबाई करीब डेढ़ किलोमीटर बढ़ाए जाने के बाद इसकी लागत बढ़कर लगभग 70 करोड़ रुपये हो गई है।
पहुंच मार्ग भी होगा विकसित
परियोजना के तहत 283 मीटर लंबा पहुंच मार्ग (एप्रोच रोड) बनाया जाएगा। रैंप के उतरने वाले हिस्से में 24 फीट चौड़ी सर्विस रोड का निर्माण प्रस्तावित है। यह फ्लाईओवर सेतु बंधन योजना के अंतर्गत स्वीकृत किया गया है तथा इसे केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय की मंजूरी प्राप्त है। हाल ही में फ्लाईओवर की बढ़ी हुई लंबाई के प्रस्ताव को भी मंत्रालय ने सैद्धांतिक सहमति प्रदान कर दी है।
इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद कैंट क्षेत्र, गोराबाजार और शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात दबाव कम होने तथा आवागमन को अधिक सुगम बनाने की उम्मीद है।


