तेहरान/यरूशलम,08 जून। ईरान ने इजरायल पर सोमवार को अप्रैल की शुरुआत में हुए युद्धविराम के बाद अपना पहला मिसाइल हमला किया है। हमला लेबनान में बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर इजरायली हमले के जवाब में किया गया है। ईरान ने हमले की पुष्टि की है। इजरायल ने हमले को देखते हुए अपने पश्चिमी हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया है। इराक और सीरिया ने भी इजरायल की संभावित आक्रामकता के खिलाफ एहतियात के रूप में अपने हवाई क्षेत्रों को बंद किया है।
इजरायली सेना ने कहा कि उसने ईरान से दागी गई मिसाइलों को हवाई रक्षा प्रणालियों से नष्ट कर दिया है। सेना ने कई क्षेत्रों में सायरन बजाए हैं। इजरायली सेना ने एक्स पर कहा, इजरायली सेना ने ईरान से दागी गई मिसाइलों की पहचान की है। खतरे को रोकने के लिए रक्षा प्रणालियां सक्रिय हैं। वायु सेना ने अब तक सभी मिसाइलों को रोक दिया है। किसी के हताहत होने या नुकसान की कोई खबर नहीं है।
हमलों के बाद, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने कहा कि उसने बैलिस्टिक मिसाइलों से इजरायल के रमात डेविड हवाई अड्डे को निशाना बनाया है। ईरान के खातम अल-अनबिया बलों के कमांडर ने कहा, इजरायली सेना को दक्षिणी लेबनान और उपनगरों पर अपने हमले बंद करने होंगे। यदि वह उस क्षेत्र पर अपने हमलों का विस्तार करती है या ईरानी कार्रवाई का जवाब देती है, तो उसे और भी करारे झटके लगेंगे औ विनाशकारी हमले शुरू हो जाएंगे।
ईरान के हमलों के बाद इजराइल की वायु सेना ने दक्षिण-पश्चिमी ईरान के महशहर में स्थित पेट्रोकेमिकल परिसर में कई ठिकानों पर हमला किया है। तेहरान में, मेहराबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास, इस्फ़हान और तबरीज शहरों समेत 20 जगह कई विस्फोटों की आवाज सुनी गई है। आईआरजीसी कहना है कि ईरान सभी मोर्चों पर अभियान चलाने के लिए तैयार है, और दुश्मन के विभिन्न परिदृश्यों के आधार पर जवाबी कार्रवाई की योजना तैयार की गई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमलों के बीच ईरान और इजरायल से अपील की है। उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा, ईरान को मेरा सुझाव यह होगा, आपने अपनी मिसाइलें दाग दी हैं, बस इतना ही काफी है। बातचीत की मेज पर वापस आइए और समझौता कीजिए। उन्होंने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से कहा कि समझौते के काफी करीब हैं, वे ईरान के मिसाइल हमले का जवाब न दें और कूटनीति के लिए अधिक समय दें।


