_शासन की प्राथमिकताओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाना विभागों की साझा जिम्मेदारी-कलेक्टर श्रीमती मीना_
सिवनी- जिले में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, किसानों की सुविधाओं तथा आगामी मानसून की तैयारियों सहित जिले में संचालित अभियानों एवं योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना द्वारा सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में बैठक समय सीमा बैठक में की गई। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकताओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाना सभी विभागों की साझा जिम्मेदारी है, और इसमें जनभागीदारी को विशेष महत्व दिया जाना चाहिए।
बैठक में सर्वप्रथम 5 जून से जिलेभर में चल रहे “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान की समीक्षा से हुई। कलेक्टर श्रीमती मीना ने अभियान की विभागवार प्रगति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को अधिक से अधिक पौधारोपण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित विरासत तैयार करने का संकल्प है। उन्होंने विभागों को जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं, विद्यार्थियों और आम नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित कर अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने के निर्देश दिए। उद्यानिकी एवं आयुष विभाग को औषधीय पौधों के विशेष उद्यान विकसित करने तथा वन विभाग को नगर वन विकसित करने की कार्ययोजना तैयार करने के लिए कहा गया। साथ ही लगाए गए पौधों के संरक्षण, सिंचाई और नियमित निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
स्वच्छता गतिविधियों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्रीमती मीना ने कहा कि स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण के निर्माण में जनसहभागिता की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने नगर पालिका एवं जनपद पंचायतों को विशेष स्वच्छता अभियान चलाने, सार्वजनिक स्थलों, बाजारों, शासकीय परिसरों तथा जल स्रोतों के आसपास नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्लास्टिक मुक्त वातावरण के लिए जनजागरूकता अभियान चलाने तथा ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को प्रभावी ढंग से लागू करने पर बल दिया। नगर पालिका सिवनी को दलसागर सहित नगर के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर विशेष सफाई अभियान संचालित करने तथा नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में 12 से 18 जून तक आयोजित होने वाले जनकल्याण शिविरों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्रीमती मीना ने कहा कि इन शिविरों का उद्देश्य शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना है। उन्होंने सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए आयुष्मान भारत योजना, पीएम सूर्यघर योजना, प्रधानमंत्री वय वंदना योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, किसान कल्याण योजनाओं सहित अन्य जनहितकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिविरों में आने वाले नागरिकों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध हों, ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों के निराकरण को भी प्राथमिकता के साथ शिविरों से जोड़ा जाए, ताकि लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान हो सके।
कलेक्टर श्रीमती मीना ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि रासायनिक खेती पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक एवं जैविक खेती की ओर किसानों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र के सहयोग से 19 एवं 20 जून को विशेष कार्यशालाएं आयोजित करने के निर्देश दिए। इन कार्यशालाओं में किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों, लागत में कमी, मिट्टी की उर्वरता संरक्षण तथा बेहतर उत्पादन की संभावनाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि चयनित किसानों को प्रशिक्षित कर मास्टर ट्रेनर के रूप में विकसित किया जाए, ताकि वे अपने क्षेत्र के अन्य किसानों को भी प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित कर सकें। साथ ही जनकल्याण शिविरों में सफल उद्यमियों एवं प्रगतिशील किसानों के अनुभव साझा कराने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में 21 जून को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर श्रीमती मीना ने जिला एवं विकासखंड स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में अधिकतम जनसहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है और इसके माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा दिया जा सकता है। सभी विभागों को समन्वय स्थापित कर कार्यक्रमों की आवश्यक तैयारियां समय पर पूर्ण


