*गलत जानकारी पाए जाने पर पेनाल्टी के साथ वसूल की जा रही है किराए की राशि*
जबलपुर। नगर निगम अपने राजस्व को बढ़ाने और शहर की व्यवस्थाओं को अधिक पारदर्शी व सुरक्षित बनाने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार के निर्देशानुसार बाजार विभाग ने बकाया किराया वसूली और औचक जांच का एक बड़ा अभियान शुरू किया है। अभियान के पहले ही चरण में निगम ने तत्परता दिखाते हुए लगभग 2 लाख रुपये की बकाया राशि चेक के माध्यम से वसूल कर ली है।
इस संबंध में अपर आयुक्त श्रीमती अंजू सिंह ठाकुर एवं बाजार अधीक्षक राजेन्द्र दुबे ने जानकारी देते हुए बताया कि विगत कई वर्षों से नगर निगम की दुकानों के अनुबंध निष्पादित नहीं हुए थे, जिसके कारण किराया बेहद कम आ रहा था। अब नए अनुबंध होने से न केवल निगम की राजस्व आय में गुणात्मक वृद्धि होगी, बल्कि शहर के विकास कार्यों को भी गति मिलेगी। इस पारदर्शी प्रक्रिया से निगम को यह स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी कि कौन से मूल किरायेदार नियमानुसार दुकान संचालित कर रहे हैं। नियमों के विरुद्ध उप-किरायेदारों को दुकान सौंपने वालों की पहचान हो सकेगी। दुकानों के अवैध क्रय-विक्रय पर पूरी तरह रोक लगेगी। ट्रेड लाइसेंस शाखा को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि शहर के बड़े होटलों, लॉज, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, मैरिज गार्डनों और गोदामों में सुरक्षा के सभी मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाए। विशेषकर रहवासी क्षेत्रों में अवैध रूप से ज्वलनशील पदार्थों का भंडारण करने वालों पर कार्यवाही की जाएगी, जिससे भविष्य में होने वाले किसी भी बड़े हादसे को रोका जा सके और जनता सुरक्षित महसूस कर सके। कार्यवाही के दौरान बाजार अधीक्षक व ट्रेड लाइसेंस नोडल अधिकारी राजेन्द्र दुबे, रामस्वरूप रजक, अजय पसेरिया, वेंकटेश्वर, मनोज श्रीवास्तव, शक्ति रजक और अमित जोशी सहित बाजार विभाग की पूरी टीम पूरी निष्ठा के साथ कार्य कर रही है। निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार द्वारा निगम स्वामित्व की दुकानों के सभी किरायेदारों को समय सीमा के भीतर अपना किराया जमा करने और नए अनुबंध पत्र निष्पादित कराने के निर्देश दिए गए हैं।


