चंडीगढ़, 8 जून । लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए जन-भागीदारी बढ़ाना और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि देश की विधायिकाओं की जिम्मेदारी केवल कानून बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की भी है। कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन इंडिया रीजन जोन-दो (उत्तर क्षेत्र) सम्मेलन के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए ओम बिरला ने कहा कि हरियाणा नैतिक चेतना और कर्तव्यबोध की भूमि है। उन्होंने कहा कि सभी राज्यों को विकसित बनाने और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। इस उद्देश्य के साथ विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि सम्मेलन में एकत्र हुए हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने अपने मजबूत लोकतंत्र की शक्ति के बल पर सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन की नई दिशा तय की है। आज देश लगातार विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है और इसका लाभ समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंच रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्रों में विकास और बदलाव लाने का सबसे प्रभावी माध्यम होते हैं, इसलिए उनकी भूमिका और जिम्मेदारी दोनों महत्वपूर्ण हैं। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान समय में दुनिया के कई हिस्सों में अस्थिरता का माहौल है, लेकिन भारत मजबूत और स्थिर शासन व्यवस्था के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने देश की युवा आबादी को भारत की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान देना जरूरी है, ताकि वे देश के विकास में अधिक प्रभावी योगदान दे सकें।


