जयपुर, 13 जून (वार्ता) राजस्थान में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, जयपुर-प्रथम ने सड़क दुर्घटना में एयरबैग नहीं खुलने पर महिला कार चालक की मौत होने से जुड़े मामले में विपक्षी कार निर्माता कंपनी मारूति सुजुकी इंडिया लिमिटेड का सेवादोष मानते हुए सवा लाख रुपए के जुर्माने सहित आश्रितों को क्षतिपूर्ति की मद में 40 लाख रुपए का मुआवजा देने के आदेश दिया है।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, जयपुर-प्रथम के अध्यक्ष डॉ सुबेसिंह यादव, सदस्य आशुतोष चौधरी एवं हेमलता ने यह आदेश दिया।इस संबंध में दुर्घटना में मृत प्रीति शर्मा के भाई रोहित एवं मां ललिता निवासी साकेत कॉलोनी, राजापार्क-जयपुर ने विपक्षीगण के खिलाफ यह याचिका दायर की थी।मामले के अनुसार चंदवाजी थाना क्षेत्र में चार मार्च, 2025 को टायर फटने से उपरोक्त कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। परिवाद में कहा गया कि दुर्घटना के बाद कार के एयरबैग्स नहीं खुलने से प्रीति र्मा की मौके पर ही मौत हो गई थी। जिसको लेकर 13 मार्च, 2025 को चंदवाजी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई।पुलिस ने भी जांच में माना था कि उपरोक्त कार में निर्माण दोष होने से उपरोक्त एयरबैग नहीं खुले। याचिका में कार विक्रेता को भी पक्षकार बनाया गया था। जिला उपभोक्ता आयोग ने कार विक्रेता का कोई सेवादोष नहीं मानते हुए उन्हें निर्दोष माना। कार निर्माता कंपनी को उत्तरदायी मानते हुए उपरोक्त आदेश जारी किया। आदेश में कहा कि उपरोक्त घटना वाहन में निर्मित सुरक्षा मानकों एवं गुणवत्ता में कमी को दर्शाती है।
प्रतिबंधित दवा रखने के दो दोषियों को डेढ़ -डेढ वर्ष का कारावास
श्रीगंगानगर, 13 जून (वार्ता) राजस्थान में श्रीगंगानगर के जिला एवं सत्र न्यायालय ने प्रतिबंधित कफ सिरप रखने और बेचने के मामले में दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए डेढ़-डेढ वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।जिला एवं सत्र न्यायाधीश रविन्द्रकुमार गक्खड़ ने अभियुक्त अब्दुल रहमान और संतोष दास को प्रतिबंधित दवा रखने और बिक्री करने का दोषी मानते हुए उन पर 70-70 हजार रुपये का जुर्माना भी किया।मामले के अनुसार पुरानी आबादी थाना क्षेत्र में पुलिस ने 12 मई 2015 को दोनों अभियुक्तों से प्रतिबंधित दवा बरामद की थी।


