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अनूपपुर । योग साधक संत रामसखा पांडेय चित्रकूट धाम अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ठीक 11.00 बजे पूजा अर्चना कर मड़फा तालाब सामतपुर में शवासन मुद्रा में पूरे 2 घंटे बिताए।ठीक 1.00 बजे वह तालाब से बाहर आए।जिसे देखने के लिए काफी संख्या में लोग मड़फा तालाब सामतपुर में पहुंचे।
एसडीईआरएफ की टीम पूरी व्यवस्था के साथ वहां पर उपस्थित रही।ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से निपटा जा सके।
अनूपपुर स्थित दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर रेलवे कॉलोनी के पुजारी ब्रह्मानंद गर्ग ने जय घोष के साथ कार्यक्रम की शुरुआत कराई।देखते ही देखते संत शवासन मुद्रा में तालाब में लेट गए।जैसे ही लोगों को जानकारी मिली देखने वालों का हुजूम तालाब पहुंचने लगा और पूरे समय तक जब तक वह तालाब में लेटे थे लोगों की निगाह उन्हीं के ऊपर थी।
योग साधक रामसखा पांडेय 2 घंटे बाद तालाब से बाहर निकले।उनके बाहर निकलते ही दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर के पुजारी ब्रह्मानंद गर्ग ने नारियल देकर उनका सम्मान किया।वही नगर के नागरिक पुष्पेंद्र त्रिपाठी ने उनका माल्यार्पण कर स्वागत किया।
संत तालाब से निकलने के बाद उपस्थित लोगों को बताया कि आधुनिक जीवनशैली में इंसान लगातार तनाव और बीमारियों से जूझ रहा है।ऐसे समय में योग ही एक ऐसा साधन है,जो तन-मन को संतुलित कर हर विपरीत परिस्थिति से लड़ने की शक्ति प्रदान करता है।
उन्होंने बताया कि देशभर में भ्रमण कर योग की शक्ति का संदेश दे रहे हैं।उनका मानना है योगाभ्यास से न केवल मानसिक शांति और शारीरिक मजबूती मिलती है,बल्कि तनाव और बीमारियों से भी बचाव होता है।
उन्होंने कहा कि योग और आसन से हमेशा स्वस्थ रहा जा सकता है।जिन लोगों को हम स्वस्थ समझते हैं, वे भी पूर्णतः रोग मुक्त नहीं हैं।वे शारीरिक रूप से भले ही रोगी न हों,लेकिन मानसिक रूप से रोगी होते हैं।योग चिकित्सा का परिणाम तुरंत नहीं दिखाई देता है,लेकिन यह स्थाई रूप से लाभ पहुंचाता है।वर्तमान समय में लोग तनाव और बीमारियों से ग्रस्त हो रहे हैं।ऐसे में योग से तन और मन को संतुलित कर हर परिस्थिति से लड़ने की शक्ति मिलती है।
जल संरक्षण एवं पर्यावरण का संदेश उन्होंने सभी को दिया।उन्होंने कहा कि योग ही एक ऐसा साधन है,जो तन-मन को संतुलित कर हर विपरीत परिस्थिति से लड़ने की शक्ति प्रदान करता है।


