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परसवाड़ा:- मुख्यालय परसवाड़ा सहित आसपास के क्षेत्रों में अवैध अतिक्रमण पर अब प्रषासन की सख्ती षुरू हो चुकी है। दरअसल परसवाड़ा एसडीएम अब अतिक्रमण पर सख्त रुख अपनाते नजर आ रहे हैं। उन्होने एक निजी मैरिज लाॅन जो कि सरकारी भूमि पर अवैध तरीके से कब्जा जमाए हुए था, उस पर बुलडोजर कार्यवाही करते हुए स्पश्ट संकेत दे दिये हैं कि परसवाड़ा मुख्यालय सहित आसपास के क्षेत्रों को अतिक्रमण मुक्त बनाते हुए व्यवस्थाओं को बेहतर बनाया जाएगा।
गौरतलब हो कि परसवाड़ा पंचायत के ग्राम बीजाटोला के समीप संचालित राहुल मैरिज लाॅन के संचालक द्वारा अवैध रूप से कब्जा करते हुए षासकीय भूमि वृक्षकुंज पर अवैध निर्माण किया गया था। उक्त भूमि के तकरीबन 65 डिसमिल जमीन पर बाउंड्रीवाल एवं कमरा बनाकर उसे लाॅन का हिस्सा बना लिया गया था। जिस पर आज परसवाड़ा एसडएम के निर्देष पर कार्यवाही की गई। इस दौरान परसवाड़ा तहसीलदार पूर्णिमा भगत, आर आई चंद्रकिषोर काकोड़िया, आंचलक पटवारी सहित राजस्व का अमला मौजूद रहा।
कार्यवाही के दौरान लाॅन के अतिक्रमण वाले हिस्से पर चिन्हांकन के बाद अवैध निर्माण को तोड़ने की कार्यवाही प्रारंभ की गई। जिसमें गेट सहित बाउंडीवाल तथा कमरे को जेसीबी मषीन की सहायता से ढहा दिया गया।
इस दौरान परसवाड़ा तहसीलदार पूर्णिमा भगत ने बताया कि परसवाड़ा तहसील अंतर्गत ग्राम कुमनगांव के खसरा नं. 32 षासकीय मद की भूमि के तकरीबन 65 डिसमिल भूमि पर मीनाकुमारी पति षिवकुमार डोंगरे द्वारा अतिक्रमण कर उस पर बाउंड्रीवाल का निर्माण किया गया था, जिसे आज हटाया गया है, उन्होने बताया कि यहां पर राहुल मैरिज लाॅन संचालित था। वहीं उनका उन्होने बताया कि अतिक्रमण हटाकर तकरीबन ढाई लाख रू कीमत की जमीन मुक्त कराई गई। हालांकि इस दौरान मीडिया द्वारा सवाल किया गया कि क्या परसवाड़ा में अवैध कब्जे के विवाद पर हत्या के बाद प्रषासन जागा है? तो उन्होने इस बात को नकारते हुए कहा कि अतिक्रमण हटाने के आदेष पहले ही दे दिये गए थे, किसी कारण वष अतिक्रमण नहीं हट पाया था। वहीं उनका कहना रहा कि परसवाड़ा में अतिक्रमण को लेकर नियमानुसार कार्यवाही जारी रहेगी। हालांकि प्रषासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निषान इसलिए लगते हैं कि आज जिस राहुल मैरिज लाॅन में अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की गई, उसके आदेष 15.07.2022 को हो चुके थे, महज एक अतिक्रमण को हटाने की कार्यवाही में लगभग चार साल लग गए।
अतिक्रमण पर लगातार और सख्त कार्यवाही की जरूरत
परसवाड़ा मुख्यालय सहित आसपास के क्षेत्र इन दिनों अतिक्रमण की चपेट में नजर आ रहे हैं। यहां पर अतिक्रमण ने मुख्यालय परसवाड़ा की न केवल सौंदर्यता पर ग्रहण लगा दिया है, बल्कि समूचा परसवाड़ा बेतरतीब नजर आने लगा है। अतिक्रमण के चलते परसवाड़ा मुख्यालय अस्त व्यस्त तो है ही, इससे सटे बीजाटोला और सेरपार भी अतिक्रमण की चपेट में आ चुके है। मुख्यालय परसवाड़ा की बात की जाए तो यहां पर षासकीय भूमि, छोटे झाड़ के जंगल और घास मद सहित आबादी भूमि पर भी अतिक्रमण करने से परहेज नहीं किया जा रहा है। मुख्यालय में षासकीय भूमि पर पक्के कुंओं का निर्माण, आबादी की भूमि पर काम्पलेक्स बनाकर व्यापार, तथा जहां खाली भूमि नजर आई रातों रात वहां दुकाने खुल जाना आम बात है। इतना ही नहीं यहां पर षासकीय कर्मचारियों के द्वारा भी बिना परहेज किये धड़ल्ले से अवैध निर्माण कर लिया गया हैं। वहीं कुछ जगहों पर अवैध रूप से दर्जनों से भी अधिक कमरों का निर्माण कर किराये पर संचालन किया जा रहा है। इसके अलावा परसवाड़ा और बीजाटोला में आबादी की भूमि का खरीद फरोख्त का मामला भी जमकर फला फूला, जिसके कारण यहां की व्यवस्थाएं बेपटरी नजर आने लगी है।
खैर अब परसवाड़ा एसडीएम एक्सन मोड पर नजर आ रहें हैं। उन्होने कहा कि षासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाना उनकी प्राथमिकता होगी। इसके अलावा अतिक्रमण कर अवैध तरीके से कमरों का निर्माण किया जाकर उनमें व्यापार करने वालों पर भी सख्ती से कार्यवाही की जाएगी।


