राजगढ़, 17 जून । बुधवार को मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में निर्माणाधीन कुआं ढहने से दो महिलाएं (सास-बहू) मलबे के नीचे दब गईं।
यह घटना दोपहर करीब 1 बजे खिलचीपुर तहसील के बामनगांव छोटी गांव में हुई, जब खेत में नया कुआं खोदते समय अचानक मिट्टी और पत्थरों का एक हिस्सा धंस गया।
रूपा (60) और पिंकी (30) नाम की ये महिलाएं कुएं के पास खड़ी थीं, तभी कुआं ढह गया। दोनों कुएं में गिर गईं और मिट्टी और पत्थरों से भरते हुए मलबे के नीचे दब गईं।
रूपा जनपद पंचायत सदस्य की मां हैं, जबकि पिंकी उनकी पत्नी हैं।
इस घटना से गांव में दहशत फैल गई और पुलिस एवं प्रशासनिक टीमों के पहुंचने से पहले ही निवासी मौके पर पहुंच गए और बचाव कार्य शुरू कर दिया।
अधिकारियों ने बताया कि बचाव अभियान तुरंत शुरू कर दिया गया है और मलबा हटाने के लिए तीन जेसीबी मशीनें लगाई गई हैं। बचाव कार्य में तेजी लाने के लिए एक पोक्लेन मशीन भी मंगाई गई है।
महिलाओं को बचाए जाने के बाद तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए खिलचीपुर अस्पताल से एक एम्बुलेंस तैयार रखी गई है।
पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं, जबकि ग्रामीण बचाव कार्यों में सहयोग कर रहे हैं।
अधिकारियों ने बताया कि फंसे हुए लोगों तक जल्द से जल्द पहुंचने पर पूरा ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। बचाव अभियान जारी है और आगे की जानकारी की प्रतीक्षा है।
यह घटना पन्ना जिले में हुई इसी तरह की त्रासदी के कुछ सप्ताह बाद हुई है, जहां 26 मई को निर्माणाधीन कुआं ढहने से पांच मजदूरों की मौत हो गई थी और दो अन्य को बचा लिया गया था।
पीड़ित महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत निर्मित एक सार्वजनिक सिंचाई कुएं पर काम कर रहे थे, तभी मिट्टी का एक बड़ा हिस्सा धंस गया और वे अंदर फंस गए।


