उच्च स्तरीय समिति की जनपरामर्श बैठक में समाज के सभी वर्गों ने दिए सुझाव, विवाह की उम्र, महिलाओं के अधिकार और युवाओं की भागीदारी पर हुई चर्चा
जबलपुर। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के अध्ययन एवं परीक्षण के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति की जनपरामर्श बैठक गुरुवार को भंवरताल गार्डन स्थित संस्कृति थिएटर में आयोजित हुई। समिति के सदस्य शत्रुघ्न सिंह ने स्पष्ट किया कि यूसीसी का उद्देश्य देश के सभी नागरिकों को समान कानूनी अधिकार उपलब्ध कराना है, न कि किसी धर्म या उसकी धार्मिक मान्यताओं में हस्तक्षेप करना।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, विरासत और पारिवारिक अधिकारों जैसे मामलों में अलग-अलग धर्मों के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत कानून लागू हैं, जिससे समान परिस्थितियों में भी नागरिकों को अलग-अलग कानूनी अधिकार मिलते हैं। यूसीसी का उद्देश्य इस असमानता को दूर करना है।
शत्रुघ्न सिंह ने बताया कि संविधान सभा में भी समान नागरिक संहिता पर व्यापक चर्चा हुई थी। डॉ. भीमराव अंबेडकर, के.एम. मुंशी सहित कई सदस्यों ने समान अधिकार और सामाजिक न्याय के लिए एक समान कानून का समर्थन किया था। उन्होंने कहा कि समिति किसी पर कोई विचार थोपने नहीं आई है, बल्कि समाज के सभी वर्गों के सुझाव लेकर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी।
बैठक में विधायकों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने विभिन्न सुझाव दिए। विधायक अशोक रोहाणी ने युवाओं से सोशल मीडिया के माध्यम से भी सुझाव लेने की बात कही। विधायक नीरज सिंह ने लिव-इन रिलेशनशिप में महिलाओं के अधिकारों और भरण-पोषण की कानूनी व्यवस्था का सुझाव दिया।
विधायक डॉ. अभिलाष पांडेय ने विवाह की उपयुक्त आयु और स्वास्थ्य संबंधी परिस्थितियों पर विचार करने की आवश्यकता बताई। जिला पंचायत अध्यक्ष आशा मुकेश गोटिया और भाजपा प्रदेश कोषाध्यक्ष अखिलेश जैन ने बेटियों की विवाह योग्य आयु 18 से बढ़ाकर 21 वर्ष करने का सुझाव दिया, जबकि लड़कों की आयु 24 वर्ष किए जाने का भी प्रस्ताव रखा गया ताकि वे शिक्षा पूरी कर आत्मनिर्भर बन सकें।
नगर निगम अध्यक्ष रिंकूज विज ने यूसीसी को सामाजिक समानता और राष्ट्रीय एकरूपता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। पूर्व विधायक संजय यादव ने पंचायतों में निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों के अधिकारों को प्रभावी बनाने के लिए सख्त कानून बनाने की मांग की। वहीं जिला कांग्रेस अध्यक्ष सौरभ शर्मा ने यूसीसी का धार्मिक रीति-रिवाजों पर पड़ने वाले प्रभाव को स्पष्ट करने की आवश्यकता बताई।
बैठक के अंत में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक गहलोत ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में समिति के सदस्य अनूप नायर, प्रो. गोपाल शर्मा, बुधपाल सिंह, डॉ. शोभा पैठणकर, सांसद आशीष दुबे, महापौर जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’, विधायक अजय विश्नोई, संतोष वरकड़े, कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, नगर निगम आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रबुद्धजन और नागरिक उपस्थित रहे।


