उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने किया परीक्षा परिणामों का विमोचनजबलपुर। शासकीय मोहनलाल हरगोविंददास गृहविज्ञान एवं विज्ञान महिला स्वशासी महाविद्यालय ने शैक्षणिक उत्कृष्टता और समयबद्ध परीक्षा प्रणाली का नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए मात्र 15 दिनों में 63 विषयों के परीक्षा परिणाम घोषित किए हैं। शनिवार को मध्यप्रदेश शासन के उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के परीक्षा परिणामों का विधिवत विमोचन किया।
कार्यक्रम में उत्तर-मध्य विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. अभिलाष पांडे तथा उच्च शिक्षा विभाग के विशेष कर्तव्य अधिकारी डॉ. सुनील सिंह विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
3780 छात्राओं वाले इस प्रतिष्ठित महिला महाविद्यालय ने उच्च शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, भारतीय ज्ञान परंपरा, कौशल विकास एवं राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। संस्थान ने 12 वर्षों के अंतराल के बाद पुनः NAAC का ‘A’ ग्रेड प्राप्त किया है तथा अब ‘डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी’ बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि परीक्षाओं के समापन के मात्र 15 दिन के भीतर 63 विषयों के परिणाम घोषित करना महाविद्यालय की उत्कृष्ट कार्यसंस्कृति, प्रशासनिक दक्षता और समर्पण का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश के अन्य महाविद्यालयों के लिए प्रेरणादायी मॉडल बनेगी तथा नई शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों को साकार करने में सहायक होगी।
मंत्री श्री परमार ने भारतीय ज्ञान परंपरा, अनुसंधान, नवाचार और मूल्य आधारित शिक्षा पर बल देते हुए कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, नेतृत्व विकास और राष्ट्र निर्माण भी होना चाहिए।
विधायक डॉ. अभिलाष पांडे ने महाविद्यालय की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि समय पर परीक्षा परिणाम जारी होने से विद्यार्थियों के शैक्षणिक और व्यावसायिक भविष्य को नई गति मिलती है।
घोषित परीक्षा परिणामों में बीएससी तृतीय वर्ष के 37 विषय संयोजन, एमएससी द्वितीय सेमेस्टर के 7, बीएससी चतुर्थ वर्ष के 8, एमएससी एक वर्षीय पाठ्यक्रम के 6 तथा एमएससी प्रथम वर्ष (एटीकेटी) प्रथम सेमेस्टर के 5 विषय शामिल हैं।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. समीर कुमार शुक्ल के मार्गदर्शन में परीक्षा नियंत्रक एवं समस्त संकाय सदस्यों के सामूहिक प्रयासों से यह उपलब्धि संभव हुई। कार्यक्रम में तकनीकी सहयोग डॉ. अर्जुन शुक्ला ने दिया, जबकि आभार प्रदर्शन डॉ. दुर्गा मिश्रा ने किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. आभा तिवारी, डॉ. सुदीप्ता सान्याल, डॉ. निधि चौबे, डॉ. पूजा चौबे, डॉ. राजकुमार गौतम, डॉ. सुधीर चंदेल, डॉ. आर.एन. साकेत, डॉ. विनोद, डॉ. गढ़ेकर सहित महाविद्यालय के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।


