जबलपुर। वर्षाऋतु लेट होने और उमरिया नहर बंद होने से शहर के कुछ हिस्सों में उत्पन्न हुए जल संकट से निपटने के लिए नगर निगम प्रशासन पूरी तरह मुस्तैदी से जुट गया है। वर्षाऋतु में विलंब, नहर बंदी और मां नर्मदा व परियट नदी का जल स्तर गिरने की वजह से कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में पानी की सप्लाई आंशिक रूप से बाधित हुई है।
इस तात्कालिक चुनौती को देखते हुए महापौर जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’ ने संवेदनशीलता और तत्परता दिखाते हुए अधिकारियों को तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करने के कड़े निर्देश दिए हैं। महापौर के निर्देशानुसार, जिन क्षेत्रों में पाइपलाइन से सप्लाई प्रभावित हुई है, वहाँ पर्याप्त संख्या में पानी के टैंकर भेजकर नागरिकों के लिए निरंतर जलापूर्ति सुनिश्चित की जा रही है, ताकि जनता को किसी भी तरह की बड़ी असुविधा का सामना न करना पड़े।
*93% से अधिक आबादी सुरक्षित, शेष 7% के लिए राहत कार्य जारी*
महापौर ने बताया कि नगर निगम के बेहतर प्रबंधन के कारण शहर की लगभग 15 लाख की विशाल आबादी में से 14 लाख से अधिक लोगों को सुचारू रूप से पानी मिल रहा है। मात्र 1 लाख की आबादी कुल आबादी का लगभग 7 प्रतिशत हिस्सा ही इस स्थिति से आंशिक रूप से प्रभावित हुई है।
उन्होंने बताया कि हम शहर के हर देव तुल्य नागरिक की सुविधा के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्राकृतिक कारणों से जल स्तर जरूर गिरा है, लेकिन हमारा अमला ग्राउंड पर मुस्तैद है। टैंकरों के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों में पानी पहुंचाया जा रहा है और अगले तीन दिनों के भीतर इस तकनीकी व प्राकृतिक समस्या को पूरी तरह दूर कर स्थिति को सामान्य कर दिया जाएगा।
उन्होंने बताया की
नगर निगम का जल प्रदाय विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। जल स्तर को बैलेंस करने और प्रभावित क्षेत्रों में सुचारू सप्लाई बहाल करने के लिए युद्ध स्तर पर काम शुरू कर दिया गया है। प्रशासन ने दावा किया है कि अगले 3 दिनों के भीतर पानी की समस्या का पूर्ण निवारण कर लिया जाएगा।


