जबलपुर। जल संरक्षण और भूजल स्तर में सुधार के उद्देश्य से नगर निगम ने शहर में बड़े स्तर पर वर्षा जल संचयन अभियान शुरू किया है। महापौर जगत बहादुर सिंह “अन्नू” ने मनमोहन नगर पार्क से इस अभियान का शुभारंभ करते हुए बताया कि शहरभर में 1500 स्थानों पर रिचार्ज सोकपिट बनाए जाएंगे। इसके साथ ही सभी शासकीय हैंडपंपों और बोरवेल के पास भी सोकपिट तैयार किए जा रहे हैं, ताकि वर्षा का पानी सीधे जमीन में पहुंचकर भूजल स्तर को बढ़ा सके।
महापौर ने बताया कि विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में 100 से अधिक पारंपरिक कुओं की सफाई और जीर्णोद्धार का कार्य भी किया जा रहा है। मनमोहन नगर पार्क में 60 फीट गहरे बोर के आसपास 3×3×3 फीट का सोकपिट बनाकर वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की शुरुआत की गई। साथ ही आसपास के दो अन्य शासकीय बोरवेल को भी रिचार्ज सिस्टम से जोड़ने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि निगम का उद्देश्य केवल पानी बचाना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल स्रोतों को सुरक्षित रखना है।
इस पहल का स्थानीय नागरिकों ने स्वागत किया। कार्यक्रम में निगमाध्यक्ष रिकुंज विज, एमआईसी सदस्य विवेकराम सोनकर, डॉ. सुभाष तिवारी, पार्षद रेणु कोरी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और नागरिक मौजूद रहे।
भोंगाद्वार वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण, पेयजल गुणवत्ता पर विशेष जोर
इधर, अपर आयुक्त देवेंद्र सिंह चौहान ने भोंगाद्वार वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का औचक निरीक्षण कर जल शोधन और वितरण व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने रॉ-वॉटर पंपिंग, सेडिमेंटेशन, फिल्ट्रेशन और क्लोरीनेशन प्रक्रिया के साथ गुणवत्ता जांच प्रयोगशाला का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पेयजल की नियमित गुणवत्ता जांच सुनिश्चित की जाए, शहर के सभी क्षेत्रों में तय समय पर पर्याप्त दबाव के साथ पानी की आपूर्ति हो तथा बिजली कटौती या तकनीकी खराबी की स्थिति में बैकअप सिस्टम हमेशा तैयार रखा जाए। अपर आयुक्त ने कहा कि भोंगाद्वार प्लांट शहर की पेयजल व्यवस्था की रीढ़ है और इसके संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।


