शहडोल 23जुलाई 2026- नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, मध्यप्रदेश शासन के प्रायोजन तथा फीडबैक फाउंडेशन, हरियाणा के तत्वाधान में निजी होटल में शहडोल संभाग के नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के लिए क्षमता वर्धन कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में संशोधित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 एवं सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यशाला में संभागायुक्त श्रीमती सुरभि गुप्ता, कलेक्टर डॉ. केदार सिंह तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शिवम प्रजापति उपस्थित रहे। अतिथियों ने कहा कि स्वच्छ एवं वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन समय की आवश्यकता है और इसके लिए जनप्रतिनिधियों, प्रशासन तथा नागरिकों की संयुक्त भागीदारी जरूरी है।
विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को स्रोत स्तर पर कचरे के पृथक्करण, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) की स्थापना, जैविक कचरे के वैज्ञानिक प्रसंस्करण, एकल उपयोग प्लास्टिक पर नियंत्रण, निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट प्रबंधन तथा विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व (ईपीआर) सहित नए नियमों के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी।
कार्यशाला में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप सभी नगरीय निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने, नागरिक सहभागिता बढ़ाने तथा जनजागरूकता अभियान चलाने पर विशेष बल दिया गया। प्रतिभागियों ने अपने सुझाव एवं अनुभव साझा किए और विशेषज्ञों से व्यावहारिक समस्याओं के समाधान भी प्राप्त किए।
कार्यक्रम में शहडोल संभाग के विभिन्न नगरीय निकायों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, जनप्रतिनिधि, मुख्य नगरपालिका अधिकारी, अधिकारी-कर्मचारी एवं संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। अंत में स्वच्छ, सतत एवं पर्यावरण-अनुकूल नगरीय विकास के लिए सभी हितधारकों ने सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया।


