सिवनी- शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (आईटीआई) सिवनी में पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच विवाद गहरा गया है। कर्मचारियों ने संस्था के तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य देवेन्द्र कुमार ठाकुर पर वार्षिक गोपनीय चरित्रावली (सीआर) में कथित अनियमितता एवं भेदभावपूर्ण रवैये का आरोप लगाते हुए कौशल विकास संचालनालय, जबलपुर को लिखित शिकायत भेजी है।
शिकायत में कर्मचारियों का आरोप है कि तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य ने अपने कार्यकाल के दौरान अधिकांश कर्मचारियों की सीआर निष्पक्ष तरीके से तैयार नहीं की। कर्मचारियों का कहना है कि कार्य संतोषजनक होने के बावजूद उनकी सीआर में प्रतिकूल प्रविष्टियां दर्ज की गईं, जिससे कई कर्मचारियों का समयमान वेतनमान प्रभावित हुआ और 7 से 8 कर्मचारियों की पदोन्नति भी रुक गई।
कर्मचारियों का यह भी आरोप है कि टीए/डीए, वेतन एवं अन्य देयकों के कई बिल लंबे समय से लंबित हैं, जिससे कर्मचारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
34 में से केवल 4 को पदोन्नति, महिला कर्मचारियों को नहीं मिला लाभ
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि हाल ही में हुई पदोन्नति प्रक्रिया में कुल 34 कर्मचारियों में से केवल 4 कर्मचारियों को ही पदोन्नति का लाभ मिला। कर्मचारियों का दावा है कि इन चारों में एक भी महिला कर्मचारी शामिल नहीं है। इसे लेकर कर्मचारियों ने सवाल उठाया है कि क्या संस्था की कोई भी महिला कर्मचारी पदोन्नति की पात्र नहीं थी। उनका आरोप है कि महिला कर्मचारियों के साथ भी भेदभाव किया गया है।
स्थानांतरण की मांग
कर्मचारियों ने शिकायत पत्र में मांग की है कि तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य देवेन्द्र कुमार ठाकुर का सिवनी आईटीआई से अन्यत्र स्थानांतरण किया जाए तथा उन्हें पदोन्नति के बाद इसी संस्था में पदस्थ न किया जाए। कर्मचारियों का कहना है कि उनके नेतृत्व में निष्पक्ष और सकारात्मक कार्य वातावरण संभव नहीं है।
कर्मचारियों का दावा है कि संस्था का परीक्षा परिणाम एवं प्रशिक्षण कार्य लगातार बेहतर रहे हैं, लेकिन प्रशासनिक कार्यप्रणाली और कथित भेदभावपूर्ण रवैये के कारण पूरे स्टाफ में असंतोष का माहौल बना हुआ है।
फिलहाल शिकायत उच्च अधिकारियों के समक्ष विचाराधीन है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कौशल विकास संचालनालय इस मामले की जांच कर क्या निर्णय लेता है।


