_किसानों से किया सीधा संवाद, ब्रांडिंग, मार्केटिंग, प्रसंस्करण और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार पर बनी कार्ययोजना_
सिवनी- जीआई (भौगोलिक संकेतक) टैग प्राप्त ‘सिवनी सीताफल’ को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने और जिले के किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने महत्वपूर्ण पहल की है। गुरुवार को उन्होंने छपारा विकासखंड की ग्राम पंचायत बकौड़ासिवनी एवं भूतबंधानी का दौरा कर सीताफल उत्पादक किसानों, कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) के सदस्यों तथा महिला स्व-सहायता समूहों से संवाद किया।
दौरे के दौरान कलेक्टर ने किसानों को जीआई टैग मिलने पर बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि वर्षों की मेहनत, पारंपरिक खेती और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जीआई टैग केवल सम्मान नहीं, बल्कि ‘सिवनी सीताफल’ को देशभर में विशिष्ट पहचान दिलाने का सुनहरा अवसर है। यदि उत्पादन, गुणवत्ता और विपणन पर विशेष ध्यान दिया जाए तो सिवनी का सीताफल राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अपनी अलग पहचान बना सकता है।
बैठक में एफपीओ की गतिविधियों, सीताफल उत्पादन की वर्तमान स्थिति तथा किसानों के अनुभवों की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने वैज्ञानिक खेती अपनाने, गुणवत्ता बनाए रखने और संगठित विपणन व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया। साथ ही सीताफल की ब्रांडिंग, आकर्षक पैकेजिंग, आधुनिक मार्केटिंग और देश के प्रमुख महानगरों तक त्वरित आपूर्ति सुनिश्चित करने की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में महिला स्व-सहायता समूहों एवं प्रसंस्करण कार्य से जुड़ी महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए भंडारण, प्रसंस्करण और विपणन से जुड़ी आवश्यकताओं से कलेक्टर को अवगत कराया। कलेक्टर ने इन सुझावों को गंभीरता से लेते हुए सीताफल आधारित उद्योगों और वैल्यू एडिशन गतिविधियों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया, ताकि किसानों को कच्चा उत्पाद बेचने के बजाय प्रसंस्कृत उत्पादों से अधिक लाभ मिल सके।
किसानों द्वारा सिंचाई संसाधनों की कमी का मुद्दा उठाए जाने पर कलेक्टर ने ग्राम पंचायतों को अधिक से अधिक खेत तालाब और अमृत सरोवर निर्माण के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्षाजल संरक्षण को बढ़ावा देकर सीताफल उत्पादन का रकबा बढ़ाया जा सकता है और किसानों को लंबे समय तक सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है।
कलेक्टर ने किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के उद्देश्य से शीघ्र बायर-सेलर मीट आयोजित करने के निर्देश भी दिए, जिससे सीताफल उत्पादकों का सीधा संपर्क बड़े खरीदारों, विपणन संस्थाओं और व्यापारिक कंपनियों से स्थापित हो सके। इससे किसानों को उचित मूल्य मिलने के साथ-साथ सिवनी सीताफल की मांग देशभर में बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
इस अवसर पर कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि प्रशासन का लक्ष्य केवल जीआई टैग प्राप्त करना नहीं, बल्कि उसे किसानों की आय बढ़ाने और सिवनी की कृषि पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने का मजबूत माध्यम बनाना है।


